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डब्ल्यूएचओ ने जारी की फेस मास्क को लेकर नई गाइडलाइन, सार्वजनिक रूप से भीड़ वाले इलाकों में सभी लोग फेस मास्क पहने।

Janprahar Desk
7 Jun 2020 11:38 AM GMT
डब्ल्यूएचओ ने जारी की फेस मास्क को लेकर नई गाइडलाइन, सार्वजनिक रूप से भीड़ वाले इलाकों में सभी लोग फेस मास्क पहने।
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फेसमास्क को लेकर, डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ) ने शुक्रवार को  अपनी गाइडलाइन चेंज कर दी है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क सार्वजनिक रूप से पहना जाना चाहिए।

फेसमास्क को लेकर, डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ) ने शुक्रवार को  अपनी गाइडलाइन चेंज कर दी है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क सार्वजनिक रूप से पहना जाना चाहिए।  डाइरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोड एडहोनम गेब्रेयेसस ने बताया  कि ये  नई गाइडलाइन उपलब्ध प्रमाणों का आंकलन  करते हुए और इंटरनेशनल एक्सपर्ट, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स के सुझावों पर बनायीं गयी  है।

डब्ल्यूएचओ की नई गाइडलाइन :


सभी स्वस्थ लोगों को तीन परतो वाला  फैब्रिक मास्क पहनना अनिवार्य होना चाहिए।  इसमें सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलिप्रोपायलीन की बनी ‘फिल्टर’हो। केवल बीमार लोग  ही केवल मेडिकल ग्रेड का मास्क पहनें।
 इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों जहा संक्रमण का खतरा ज्यादा है , जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और दुकानों में भी  सभी के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है। इन सभी जगहों पर हो सके तो  मेडिकल-ग्रेड का मास्क ही इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही मरीजों और वहां मौजूद सभी लोगों को मेडिकल- ग्रेड का मास्क पहनना होगा।

यदि सावधानी न बर्ती गयी तो मास्क के कुछ नुकसान भी हो सकते है।   गीला होने पर कपड़े का मास्क अगर  बदला न जाए तो संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही मास्क लगाने वाले लोग खुशफहमी का शिकार हो जाते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं देते या कम ध्यान देते है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए मास्क लगाने के साथ साथ  सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों को समय समय पर धोना  भी संक्रमण से बचने के लिए  बेहद जरूरी है।
साथ ही यह भी अत्यंत आवश्यक है कि सभी देशों की सरकारें आम जनता को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करें। 

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