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लेबनान की राजधानी बेरुत में हादसे का तीसरा दिन : इन देशों ने की मदद

Janprahar Desk
7 Aug 2020 5:12 PM GMT
लेबनान की राजधानी बेरुत में हादसे का तीसरा दिन : इन देशों ने की मदद
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बेरुत में हुए विस्फोट के ठीक 2 दिन बाद आज तीसरा दिन है। सब कुछ अस्त-व्यस्त हो चुका है। बड़ी-बड़ी इमारते बिखर कर ढह गई है। इमारतों का मलबा सड़कों पर बिखरा पड़ा है। लोग लापता हैं ।कुछ लोग सड़कों पर अपने सगे संबंधियों को ढूंढने निकले हुए हैं ।

लेबनान की राजधानी बेरूत में जिस धमाके में 135 लोगों की जान गई, उसकी वजह अमोनियम नाइट्रेट है, जो एक वेयरहाउस में पिछले 6 साल से जमा करके रखा था। इसी वेयरहाउस में रखे 2 हजार 750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगी और जोरदार धमाका हो गया। ये धमाका इतना भयानक था कि इसकी आवाज 250 किमी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद की स्थिति का दौरा करना काफी कठिन है। लेबनान की राजधानी बेरुत में हुए विस्फोट के ठीक 2 दिन बाद आज तीसरा दिन है। सब कुछ अस्त-व्यस्त हो चुका है। बड़ी-बड़ी इमारते बिखर कर ढह गई है। इमारतों का मलबा सड़कों पर बिखरा पड़ा है। लोग लापता हैं ।कुछ लोग सड़कों पर अपने सगे संबंधियों को ढूंढने निकले हुए हैं ।

दुनिया भर से मदद के लिए रेस्क्यू टीम बेरुत पहुंच रही है । ऑस्ट्रेलिया से लेकर इंडोनेशिया और यूरोप से लेकर अमेरिका तक सहायता पहुंचाने और तलाशी दल को भेजने के लिए तैयार हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने शुरुआत में 20 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मदद लेबनान को देने का संकल्प लिया है, ताकि राहत कार्य में सहायता पहुंचाई जा सके।  प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि यह सहायता विश्व खाद्य कार्यक्रम और खाद्य, देखभाल और जरूरी सामान के लिए रेड क्रॉस को दिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि उनका देश अन्य खेप पर विचार कर रहा है। 

फ्रांस और लेबनान के बीच विशेष संबंधों को प्रदर्शित करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों लेबनान का दौरा करने वाले हैं। फ्रांस ने बुधवार को विशेषज्ञों, बचावकर्मी और जरूरी आपूर्ति की दो खेप भेजी।

इसी बीच बेरुत की हालत से वाकिफ हुए इटली ने 8.5 टन मेडिकल सामग्री भेजी है ।जॉर्डन ने दो हवाई जहाज में फील्ड हॉस्पिटल में काम आने वाली चीजें भेजी हैं। स्विट्जरलैंड ने इंजीनियर और साइकोलॉजिस्ट की टीम व जरूरी सामान भेजा है। रूस ने मोबाइल अस्पताल स्थापित किए हैं और 50 आपातकालीन सहायताकर्मी और चिकित्सा कर्मियों को भेजा है। इसके अलावा रूस के तीन और विमान अगले 24 घंटे में लेबनान पहुंचने वाले हैं।

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