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सुलेमानी की हत्या का केस: ईरान से जारी किया गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट

Janprahar Desk
30 Jun 2020 9:12 AM GMT
सुलेमानी की हत्या का केस: ईरान से जारी किया गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट
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ईरान ने डोनल ट्रंप को पकड़ने के लिए इंटरपोल से मदद मांग कर अपने शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के आरोप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी का एक कठोर वारंट जारी किया है ।ईरान ने डॉनल्ड ट्रंप पर कई आरोप लगाए हैं । ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा है कि डॉनल्ड ट्रंप ने अन्य देशों के साथ मिलकर बगदाद में ड्रोन से हमला करवाया था।

ईरान ने डोनल ट्रंप को पकड़ने के लिए इंटरपोल से मदद मांग कर अपने शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के आरोप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी का एक कठोर वारंट जारी किया है ।ईरान ने डॉनल्ड ट्रंप पर कई आरोप लगाए हैं । ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा है कि डॉनल्ड ट्रंप ने अन्य देशों के साथ मिलकर बगदाद में ड्रोन से हमला करवाया था। यह हमला धोखे से करवाया गया, जिसमें एक शक्तिशाली सैनिक सुलेमानी की मौत हो गई । ईरान की सरकार के एडवोकेट जनरल अली अल कसिमेर में सोमवार को अपने एक बयान में बताया कि ट्रंप और अन्य लोगों पर हत्या व आतंकवाद का आरोप लगाया गया है।

जब सुलेमानी केस की बात आती है तो सुलेमानी कौन है यह जानना अति आवश्यक है। कासिम सुलेमानी, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुलीन वर्ग की सेना के प्रमुख जनरल थे, जिनका जन्म 11 मार्च 1957 में हुआ। वे 1998 से उनकी मृत्यु तक ईरान की कुद्स फौज के कमांडर थे।

3 जनवरी 2020 मे हुए इराक के,बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी हवाई हमले मे इनकी हत्या की गई और  मार दिया गया। द न्यू यॉर्कर के लिए सुलेमानी के 2013 के प्रोफाइल में पत्रकार डेक्सटर फिलकिन्स ने वर्णन किया है कि सुलेमानी ने पंद्रह साल पहले (1998 में) क़ुद्स फ़ोर्स की कमान संभाली और उस समय एक पावर ब्रोकर और एक सैन्य बल के रूप में उन्होंने ईरान के पक्ष में मध्य पूर्व को फिर से सत्ता में लाने की कोशिश की। प्रतिद्वंद्वियों की हत्या करते हुए और एक दशक से अधिक समय में इराक में सैकड़ों अमेरिकियों को मारने वाले आतंकवादी समूहों के एक नेटवर्क को निर्देशित किया था।

देखा जाए तो जनरल क़ासिम सुलेमानी का क़द ईरान के पावर-स्ट्रक्चर में बहुत बड़ा था। ईरान के सबसे ताक़तवर नेता - सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई - के बाद अगर ईरान में किसी को दूसरा सबसे ताक़तवर शख़्स समझा जाता था तो वो थे - जनरल क़ासिम सुलेमानी।

वैसे तो ईरान में विदेश मंत्री होता है, लेकिन असल विदेश मंत्री की भूमिका क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख ही निभाते हैं। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के संबंधों की बात की जाए तो यह संबंध काफी हद तक बिगड़े हुए थे। कारण यह था कि सुलेमानी को अमरीका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था।

2007 में अमेरिका ने ईरान के साथ अपने संबंधों का विश्लेषण करते हुए एक बड़ी घोषणा की। अमरीका ने क़ुद्स फ़ोर्स को 25 अक्तूबर 2007 के दिन ही आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और इस संगठन के साथ किसी भी अमरीकी लेनदेन किए जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।

23 अक्तूबर 2018 को सऊदी अरब और बहरीन ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकवादी और इसकी क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख क़ासिम सुलेमानी को आतंकवादी घोषित कर दिया गया। आतंकवादी घोषित किये जाने के बाद सुलेमानी अमरीका के निशाने पर आ गए और अमेरिका भी उन्हें आतंकवादी मानने लगा। 3 जनवरी को जब बग़दाद एयरपोर्ट पर उनके दो कारों के काफ़िले पर ड्रोन से निशाना लगाया गया, और उनकी हत्या की गई।

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