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WHO में कोरोना वायरस के मूल कारण को खोजने का प्रस्ताव पारित हुआ, कई देशों की बंधी उम्मीद

Janprahar Desk
19 May 2020 10:46 PM GMT
WHO में कोरोना वायरस के मूल कारण को खोजने का प्रस्ताव पारित हुआ, कई देशों की बंधी उम्मीद
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जेनेवा (Geneva) में हुए दो दिवसीय WHO के सत्र में कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी को सदन की कार्यवाही में मुख्य गुरुत्व दिया गया। जैसा की Worldometers की वेबसाइट से पता चला है, इस वक्त कोरोना वायरस से कुल 48 लाख लोग संक्रमित हो गए हैं और इससे 3.2 लाख लोगों की जान जा चुकी


जेनेवा (Geneva) में हुए दो दिवसीय WHO के सत्र में कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी को सदन की कार्यवाही में मुख्य गुरुत्व दिया गया। जैसा की Worldometers की वेबसाइट से पता चला है, इस वक्त कोरोना वायरस से कुल 48 लाख लोग संक्रमित हो गए हैं और इससे 3.2 लाख लोगों की जान जा चुकी है। गौरतलब बात ये है की कोरोना वायरस का पहला मामला चीन में दिसंबर 2019 में सामने आया था।

इस मामले के प्रमुख जानकारों में से एक ने कहा कि WHO में हुई इस सदन बैठक में प्रस्ताव को 60 देशों ने पेश किया जिनमे ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, ब्राज़ील, कनाडा, आइसलैंड, भारत, इंडोनेशिया, जापान, रूस, इत्यादि देश शामिल थे। इन सभी देशों में यूरोपीय संघ, ब्रिटैन, तुर्की समेत 120 देश भी शामिल थे।


ये बात ध्यान में रखी जाये कि ये फैसला तब आया है जब अमेरिका ने WHO को फटकार लगायी कि उसने दुनिया को उचित रूप से इस मामले की गंभीरता के बारे में चेताया नहीं था। USA ने चीन पर भी आरोप लगाया था कि उसने कोरोना वायरस के बारे में पूरी दुनिया को सही जानकारी नहीं दी जिसकी वजह से किसी भी देश को इस महामारी के बारे में चौकन्ना नहीं किया जा सका।
इस प्रस्ताव के मुताबिक WHO के महानिदेशक Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus को World Health Organisation for Animal Health, FAO और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना होगा। इस शोध से कोरोना वायरस के प्रमुख स्रोत और मानव आबादी को प्रभावित करने का प्रमुख मार्ग मिल सकेगा। जानकारों का मानना है कि इस शोध के परिणाम से कोरोना vaccine बनाने में काफी मदद मिलेगी।

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