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भारत में भी रखा कोरोना से जुड़ी इस बीमारी ने कदम

Janprahar Desk
19 May 2020 4:21 PM GMT
भारत में भी रखा कोरोना से जुड़ी इस बीमारी ने कदम
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कोरोना के मध्य उससे जुड़ी हुई एक विचित्र बीमारी पहले अमेरिका और यूरोप को परेशान कर रही थी। अब इसने अपने कदम भारत में भी रख लिए है। बहुत कम पाई जाने वाली हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के शिकार चेन्नई के 8 साल के बच्चे हो गए थे। दो सप्ताह बाद इलाज से वे ठीक हो गए।

कोरोना के मध्य उससे जुड़ी हुई एक विचित्र बीमारी पहले अमेरिका और यूरोप को परेशान कर रही थी। अब इसने अपने कदम भारत में भी रख लिए है। बहुत कम पाई जाने वाली हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के शिकार चेन्नई के 8 साल के बच्चे हो गए थे। दो सप्ताह बाद इलाज से वे ठीक हो गए।

भारत में कोरो ना से जुड़ी दुर्लभ बीमारी ने रखा कदम

हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम है बीमारी का नाम

अमेरिका और यूरोप है इससे काफी परेशान

इटली ने किया दावा की 30 गुना ज़्यादा बढ़ चुकी है ये बीमारी

कोरोना वायरस काफ़ी नहीं था, की एक और बीमारी पहले अमेरिका और यूरोप और अब भारत में आफत के संकेत लेकर आ गई है। चेन्नई में एक 8 साल के कोरोना संक्रमित लड़के में हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम से बीमार होने की खबर सामने अाई है। यह कोरोना से संबंधी एक बहुत ही कम पाई जाने वाली बीमारी है।

इस बीमारी में पूरे बदन में सूजन आ जाती है। इस बच्चे के शरीर में टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम और कावासाकी बीमारी संबंधी लक्षण दिखे थे जिनसे अंगों पर खतरा होता है।

हालांकि, जर्नल ऑफ इंडियन पीडियाट्रिक्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इम्युनोग्लोबुलिन और टोसीलीजुमैब की दवा से बच्चे का इलाज कर दिया गया। कांची कामकोटि चाइल्ड्स ट्रस्ट अस्पताल मैं भर्ती हुए इस बच्चे को ठीक होने में कुल 2 सप्ताह का समय लगा।

अमेरिकायूरोप में क्या हैं हाल?

अमेरिका और यूरोप में इस बीमारी से कई बच्चों को सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका में 14 वर्षीय बच्चे की इससे मौत भी हो गई। इस बीमारी के लक्षण कावासाकी से भी ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। न्यू यॉर्क में कुल 100 बच्चों को इस बीमारी के होने पर शक किया जा रहा है। वहीं यूरोप के इटली की बात करें तो 18 फरवरी 2020 से लेकर 20 अप्रैल 2020 तक 10 बच्चे इस बीमारी के शिकार हो चुके हैं। इटली के लोम्बार्डी के रिसर्च में ये सामने आया की बच्चों के बीमार पड़ने की दर 30 गुना ज्यादा हो गई है और डॉक्टरों ने बताया की कोरो ना संबंधी बच्चों में ये सबसे ज़्यादा पाया जा रहा है।

बहुत कम देखी जाने वाली इस बीमारी ने सीधे छोटे बच्चों पर धावा बोल दिया है। अब देखना यह कि कोरोना और कितने संकटों को दुनिया के सामने लाता है।

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