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कोरोनावायरस टीके के ट्रायल का अंतिम दौर: आखिर कब होगा इस वैक्सीन का उत्पादन।

Janprahar Desk
19 July 2020 1:35 PM GMT
कोरोनावायरस टीके के ट्रायल का अंतिम दौर: आखिर कब होगा इस वैक्सीन का उत्पादन।
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अभी तक इस दवा को मंजूरी नहीं मिली है और इस दवा के उत्पादन की बातें शुरू कर दी गई है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइजर इस माह के अंतिम सप्ताह में बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेगी । यह ट्रायल 150 स्थानों पर मौजूद 30,000 लोगों पर किया जाएगा।

कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है और यह ट्रायल अपने अंतिम दौर में है। इस दवा का निर्माण अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने किया है। फाइजर ने दावा किया है कि अक्टूबर से पहले इस वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जाएगा ।लेकिन उससे पहले यह देखा जाएगा कि सितंबर माह में इस ट्रायल का क्या परिणाम है ।अर्थात सितंबर माह में ही लोगों पर किए गए ट्रायल का असली परिणाम सामने आएगा कि कितने प्रतिशत लोगों पर यह दवा असर कर रही है।

अमेरिका की दवा कंपनी फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौरला ने टाइम मैगजीन को एक इंटरव्यू में बताया, " उन्हें विश्वास है कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की मंजूरी अक्टूबर तक मिल जाएगी। कंपनी ने इस साल 10 करोड़ वैक्सिंग के उत्पादन का नाटकीय अनुमान पेश किया है। बौरला ने बताया कि कंपनी ने कई सरकारों से वैक्सिंग की डोज के संबंध में कारोबारी स्तर की बातचीत शुरू कर दी है ।

समस्या की बात यह है कि अभी तक इस दवा को मंजूरी नहीं मिली है और इस दवा के उत्पादन की बातें शुरू कर दी गई है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइजर इस माह के अंतिम सप्ताह में बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेगी । यह ट्रायल 150 स्थानों पर मौजूद 30,000 लोगों पर किया जाएगा। इस के साथ बौरला ने बताया कि कंपनी मुनाफे के आधार पर वैक्सिंग की कीमत तय करेगी ।

बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के निर्माण में जो प्रोजेक्ट बनाया गया था , उस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगभग 7500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो गया है । उनके अनुसार जो लोग कमजोर हैं और गरीब हैं ,उन लोगों को यह डोज पहले मिलनी चाहिए।

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