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वैश्विक खुलेपन को चुनौती है चीनी कंपनियों पर पाबंदी

Janprahar Desk
22 Oct 2020 6:36 PM GMT
वैश्विक खुलेपन को चुनौती है चीनी कंपनियों पर पाबंदी
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वैश्विक खुलेपन को चुनौती है चीनी कंपनियों पर पाबंदी
बीजिंग, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की अग्रणी दूरसंचार कंपनी हुआवेई समेत अन्य चीनी कंपनियों को घेरने के लिए अमेरिका जैसे देश पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। ब्रिटेन और अमेरिका पहले ही हुआवेई के 5जी नेटवर्क संबंधी निर्माण पर पाबंदी लगा चुके हैं। इसी कड़ी में यूरोपीय देश स्वीडन का नाम भी जुड़ गया है। उसने भी हुआवेई को प्रतिबंधित करने का ऐलान किया है।

21वीं सदी में हम एक-दूसरे के साथ पूरी तरह जुड़े हुए हैं, ऐसे वैश्विक खुलेपन के माहौल में चीनी कंपनियों पर नियंत्रण करने की कोशिश हो रही है। इस कोशिश का परिणाम दुनिया को पीछे धकेलने के रूप में देखा जा सकता है। जरा सोचिए, अगर चीन भी तमाम बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों पर बैन लगाने लग जाय या अन्य देश भी ऐसा करने लगें तो नतीजा क्या होगा। एक ऐसी होड़ शुरू हो जाएगी जिसमें प्रत्येक देश सिर्फ और सिर्फ अपने हितों को सर्वोपरि रखना चाहेगा। फिर उस वैश्वीकरण का क्या होगा, जिसके चलते माना जाता है कि पूरी दुनिया एक ग्लोबल विलेज है। किसी राष्ट्र विशेष के विकास और उत्पादन से दूसरे देशों को भी लाभ पहुंचने की बात इसके तहत की जाती है।

लेकिन हाल के दौर में अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया आदि वैश्विक एकतरफावाद की मुहिम चलाने पर जोर दे रहे हैं। अगर इस पूरे मुद्दे की तह में जाएं तो पता चलेगा कि कई राष्ट्र चीन के तेज विकास से आक्रांत हो गए हैं। वे चीन को रोकने की हरसंभव कोशिश करना चाहते हैं। हो सकता है कि इससे अल्पावधि में उक्त देशों की कंपनियों को संरक्षण मिले। लेकिन दूरगामी ²ष्टि से यह वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माहौल को खत्म करने का कदम होगा। आज के दौर में दुनिया के किसी भी कोने में बना सामान ग्लोबल बाजार में आसानी से पहुंच जाता है। इसमें इंटरनेट और तकनीक का भी बड़ा हाथ है। विश्व के हर हिस्से में होने वाली घटनाओं के बारे में हम चंद सेकंड में इसलिए जानकारी हासिल कर पाते हैं क्योंकि विश्व आपस में जुड़ा हुआ है। 5जी तकनीक दुनिया को तेजी से और करीब लाने का काम कर सकती है। पर इस तरह से चीन का नाम लेकर सुरक्षा बहाने से उसकी कंपनियों को ब्लॉक करना अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुकूल नहीं कहा जा सकता है।

(लेखक : अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

-- आईएएनएस

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