अमेरिका ने बढ़ाई पाकिस्तान की मुसीबतें, बाल सैनिकों की भर्ती करने वाले देशों की सूची में डाला

 
Jo biden and imran khan

पाकिस्तान की मुसीबतें दिनों दिन बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान पहले से ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल है, जिस कारण उसे 38 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, अब दूसरा फटका अमेरिका ने उसे दे दिया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को बाल सैनिकों की भर्ती करने वाले देशों की सूची में डाल दिया है। इस सूची में शामिल किए जाने के बाद से पाकिस्तान की मुसीबतें और बढ़ेगी।

दरअसल अमेरिका ने चाइल्ड सोल्जर्स प्रिवेंशन एक्ट के तहत की एक सूची जारी की है, जिसमें 14 देशों के साथ पाकिस्तान को भी रखा गया है। अब इसका खामियाजा ये होगा कि पाकिस्तान के सैन्य उपकरणों के व्यावसायिक लाइसेंसीकरण और सुरक्षा सहायता पर प्रतिबंध लगाए जा सकते है।

ये कानून उन विदेशी सरकारों की पहचान करता है, जो छोटे छोटे बच्चों को भी अपनी सेना में भर्ती करता है या फिर सेना के अलग अलग कामों में लगाता है, जिसमें हथियार शामिल रहता है। सूची का डाटा पिछले साल एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक का है।

बता दें कि चाइल्ड सोल्जर्स प्रिवेंशन एक्ट या बाल सैनिक का मतलब है कि 18 साल से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति जिसे सेना ( सरकारी सशस्त्र बलों, पुलिस, अन्य सुरक्षाबलों) में भर्ती किया जाता है। अगर 18 साल से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से भी भर्ती हो रहा तो भी इसे क्राइम के श्रेणी में ही माना जाएगा। 

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अमेरिका ने जिन देशों को इस सूची में शामिल किया है वह पाकिस्तान, तुर्की, अफगानिस्तान, म्यांमार, कांगो, ईरान, इराक, लीबिया, माली, नाइजीरिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। अब सूची में शामिल सभी देशों पर  सुरक्षा सहायता, सैन्य उपकरणों के इस्तेमाल समेत कई  के गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे। 

अब इस सूची में शामिल होने के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि बिना किसी सबूत के आधार पर अमेरिका के इस फैलसे को हम बेबुनियाद करार देते है।

पाकिस्तान का कहना है कि उसने पिछले साल वजीरे आजम इमरान खान के कहने पर एनसीसी कैडटों को सीमा पर भेज दिया था, जिसमें कुछ बच्चे भी शामिल थे। वह बच्चें सरकारी सशस्त्र बलों, पुलिस, या अन्य सुरक्षाबलों में शामिल नहीं थे, वह सिर्फ ट्रेनिंग के मकसद से सीमा पर गए थे। 

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