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प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब ट्रंप ने किया आत्मनिर्भर बनने का दावा: कहां दूसरे देशों से अब दवाई नहीं खरीदेंगे हम

Janprahar Desk
8 Aug 2020 1:39 PM GMT
प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब ट्रंप ने किया आत्मनिर्भर बनने का दावा: कहां दूसरे देशों से अब दवाई नहीं खरीदेंगे हम
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कोरोना वायरस (coronavirus) फैला कर अमेरिका और दुनिया का बहुत नुकसान किया है'।  ट्रंप ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'चाहे चीन की अक्षमता हो या उद्देश्य लेकिन ,कोरोना वायरस एक भयानक महामारी है जो अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए घातक है ।  इतना ही नहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को चुनौती देते हुए कहा, बीजिंग को अमेरिका और दुनिया पर घातक कोरोनो वायरस को फैलाने की कीमत चुकानी होगी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक दावा किया है कि अब वह अमेरिकी लोगों के लिए बाहर से विदेशी दवाइयां नहीं खरीदेंगे ।यह कहकर उन्होंने चीन तथा अन्य देशों पर अपनी आत्मनिर्भरता खत्म करने का दावा किया है। या ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना को लेकर चीन पर हमलावर ट्रंप का यह चीन को नया झटका है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस (White House ) में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, 'चीन ने कोरोना वायरस (coronavirus) फैला कर अमेरिका और दुनिया का बहुत नुकसान किया है'।  ट्रंप ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'चाहे चीन की अक्षमता हो या उद्देश्य लेकिन ,कोरोना वायरस एक भयानक महामारी है जो अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए घातक है ।  इतना ही नहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को चुनौती देते हुए कहा, बीजिंग को अमेरिका और दुनिया पर घातक कोरोनो वायरस को फैलाने की कीमत चुकानी होगी।

दुनिया के कई देशों ने चीन पर कोरोनावायरस की जानकारी छिपाने का कड़ा आरोप लगाया है। क्योंकि इस एक मात्र अदृश्य वायरस ने लोगों का जीवन तबाह कर रखा है, कई देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई है, जनसंख्या में भी काफी कमी आ रही है ,इतनी मौतें हो चुकी हैं कि शवों को दफनाने के लिए भी अब जगह नहीं मिल पा रही है। देशों में विकासशीलता का स्तर काफी कम होता नजर आ रहा है ।इस संकट से उबरने के लिए देशों को बहुत अधिक समय भी लग सकता है।

अमेरिका में चीन की कुछ लिस्टेड कंपनियों को लेकर अमेरिकी सरकार ने कुछ नियमों को लेकर बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप प्रशासन ने घोषणा कर दी है कि जो चीनी कंपनियां अमेरिका में लिस्टेड है, और अमेरिकी ऑडिट प्रावधानों का पालन नहीं करती है। उन पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक प्रस्ताव में कहा गया है कि न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड चीनी कंपनियां ,अमेरिकी नियमको के लेखा परीक्षण के अधीन होंगी या उन्हें शेयर बाजार से हटा दिया जाएगा।

चीनी ऑडिटर्स को अपने ऑडिट के दस्तावेज सार्वजनिक कंपनी की लेखा निरीक्षण बोर्ड की निगरानी के साथ साझा करने होंगे।

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