Pegasus Spyware पर होगा एक्शन? NSO पर लग रहे आरोपों की जांच के लिए टास्क फोर्स गठित

 
NSO SYYWARE

पेगासस जासूसी मामले में फ्रांस द्वारा जांच के आदेश देने के बाद अब इज़रायल ने भी इस पूरे मामले की जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स इस पूरे विवाद पर नजर रखेगी और NSO ग्रुप पर लग रहे आरोपों की जांच करेगी। 

पेगासस इज़रायल के NSO ग्रुप द्वारा बनाया गया स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर है। हाल ही में अमेरिकी अखबार 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने 16 मीडिया संस्थानों के सहयोग से मिलकर 'द पेगासस प्रोजेक्ट'  के नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसमें यह दावा किया गया कि इज़राइली सॉफ्टवेयर 'पेगासस स्पाईवेयर' के जरिए दुनिया के कई बड़ें नेताओं, पत्रकारों और अन्य हस्तियों का फोन टैप किया गया था। जिसके बाद से NSO पर लगातार सवालियां निशान उठ रहे है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इज़रायल सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स में रक्षा मंत्रालय, कानून मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और मोसाद से जुड़े लोग शामिल हैं। टास्क फोर्स साइबर एक्सपोर्ट नीति को परखेगी और NSO ग्रुप पर लग रहे आरोपों की जांच करेगी। 

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लगातार उठ रहे सवालों पर NSO यह पहले ही कह चुका है कि जासूसी कांड में उनका कोई हाथ नहीं, वह सिर्फ देश की सरकारी एजेंसी को ही अपना सॉफ्टवेयर बेचता है। इस आरोपों के चलते इजरायल की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही है, इसलिए वहां की सरकार ने टास्क फोर्स का गठन कर जांच के आदेश दिए है। 
 
भारत में 'द वायर' द्वारा प्रकाशित खबर के बाद से इस मुद्दे पर बावाल शुरू हो गया है। विपक्षी पार्टियां लगातार इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में उठा रही है। इस विषय के कारण संसद की कार्यवाही शुरुआती दिनों में प्रभावित हुई। विपक्षियों द्वारा यह पूछे जाने पर   कि भारत सरकार ने इज़रायल से पेगासस सॉफ्टवेयर खरीदा है या नहीं? केंद्र सरकार ने न तो इसे नकारा है और न ही हामी भरी है। सरकार ने इस मामले को बस साजिश करार दिया है। 

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