Let’s know about NASA(नासा) in Hindi

नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन या जिसे संक्षेप में नासा कहते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए जिम्मेदार है।
 
Let’s know about NASA(नासा) in Hindi

NASA की स्थापना

 नासा पहले NACA(NATIONAL ADVISORY COMMITTEE FOR AERONAUTICS) था, जो अंतरिक्ष के मामलों में सलाह या फैसला देने का काम करता था। इसकी स्थापना 3 मार्च 1915 को हुई थी, 1 अक्टूबर 1958 को यह नासा में मिल गयी।1958 में अमेरिका के राष्ट्रपति Dwight Eisenhower ने नासा की स्थापना की थी।इस स्थापना की वजह सीट युद्ध(Cold war) के दौरान सोवियत संघ के द्वारा 1957 में, लांच किए गए पहले कुत्रिम उपग्रह था।

NASA

वर्तमान में NASA का अध्यक्ष कौन है?

वर्तमान में नासा का अध्यक्ष भारतीय मूल की भव्या लाल हैं। भव्या लाल अमेरिकी राष्ट्रपति Jo Biden के नासा दल के परिवर्तन संबंधी समीक्षा दल की सदस्य हैं।

Nasa के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

  • नासा के पास एक ऐसा यंत्र है जिससे बारिश न होने की स्थिति में भी मुसलाधार बारिश कराई जा सकती है।
  • नील आर्मस्ट्रांग ने नासा में अपना आवेदन जमा कारने में एक सप्ताह की देरी कर चुके थे, पर उनके दोस्त डिक डे ने एप्पलीकेशन को आवेदन के ढेर में डाल दिया था ताकि ऐसा किसी को न लगे कि उन्होंने late से आवेदन को जमा किया है।
  • NASA की इंटरनेट स्पीड 91 GB पर सेकंड है। यह भी एक plus point है कि नासा अंतरिक्ष में हुई हल्की सी गतिविधियों को कैसे जान लेता है।
  • नासा सोध करने के लिए उन लोगों को 15,000(लगभग 10 लाख रुपए) देने के लिए तैयार रहता है, जो नासा के 90 दिन की प्रयोगशाला में एक बेड पर 24 घंटे तक लेते रहने के लिए तैयार हो सकते हैं। नासा इसके माध्यम से शरीर पर शून्य ग्रेविटेशनल फ़ोर्स के प्रभाव को मापने के प्रयास करती है।
  • Nasa अपने नए कर्मचारियों को आर्मगेडेन (ARMAGEDDON) मूवी दिखता है और उस फ़िल्म में पाई जाने वाली त्रुटियों के बारे में सवाल करते हैं, आज तक इस फ़िल्म में कम से कम 169 कमियों की पहचान की गयी है।
  • नासा वर्तमान में  "STAR TREK WARP DRIVE” पर काम कर रही है जिससे अंतरिक्ष यात्री सिर्फ 2 सप्ताह में अल्फा सेंचुरी( जो सूर्य का दूसरा सबसे निकटतम तारा है) पर पहुँच जाएंगे।

स्वाति मोहन कौन हैं

नासा के मार्स मिशन में भारतीय मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक स्वाति मोहन (Dr Swati Mohan) ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने नासा के कंट्रोल रूम में पर्सेवरेंस रोवर के मंगल की सतह पर ‘‘टचडाउन कंर्फम्ड” की घोषणा की थी, जो कि 18 फरवरी को मार्स पर लैंड हुआ।

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