वाराणसी: बेड खाली होने के बाद भी अस्पताल ने नहीं किया भर्ती, एम्बुलेंस में तड़पकर हो गई 18 दिन के बच्चे की मौत

वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में एक 18 दिन का नवजात जिंदगी के लिए जंग लड़ता रहा। लेकिन उसे अस्पताल में एक बेड तक नहीं मिल सका।
 
Newborn child

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में अस्पताल की लापरवाही के चलते एक 18 दिन के नवजात को अपनी जान गवानी पड़ी। ये शर्मसार करने वाला मामला वाराणसी के बीएचयू (BHU) अस्पताल का है।  सूत्रों के अनुसार अस्पताल में बेड खाली होने के बावजूद भी नवजात को एडमिट नहीं किया गया। उसके मां-बाप एडमिट कराने के लिए भटकते रहे, लेकिन अंत मे नवजात ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। 

खबर के अनुसार गायत्री कॉलोनी के रहने वाले बैंककर्मी आलोक कुमार की पत्नी ने 18 दिन पहले एक प्राइवेट अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म में बाद बच्चे में निमोनिया के लक्षण थे, उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जिसके बाद बच्चे को बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया था। 

आनन-फानन में मां-बाप बच्चे को लेकर बीएचयू पहुंचे तो ढेड़ घंटे तक अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद भी उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि आलोक कुमार ने इमरजेंसी वार्ड के लिए स्लीप भी कटवा ली थी लेकिन इसके बाद भी उन्हें ढेड़ घंटे तक इधर उधर भगाया गया। 

जैसे ही इस बात की भनक अस्पताल के एसएस को लगी उन्होंने डॉक्टर को निर्देश दिया कि बच्चे को जाकर देखें। जैसे ही डॉक्टर बच्चे को देखने के लिए एम्बुलेंस की तरफ बढ़े तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। अगर सही समय पर बच्चे का इलाज कर दिया जाता तो नवजात को एम्बुलेंस में तड़पना न पड़ता और शायद वह बच सकता था। 

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