उत्तर-प्रदेश

वायरल फीवर या डेंगू ? देश के यूपी समेत कई राज्यों में बच्चों पर गहराया संकट, इतनी मौतें..!

Nairitya Srivastva
9 Sep 2021 11:42 AM GMT
कोरोना वायरस की तीसरी लहर की दस्तक से पहले ही देश के कई राज्य इस समय वायरल फीवर से जूझ रहे हैं. यूपी के फिरोजाबाद जिले में कई मासूमों की जानें जा चुकी है.

कोरोना वायरस की तीसरी लहर की दस्तक से पहले ही देश के कई राज्य इस समय वायरल फीवर से जूझ रहे हैं. इन राज्यों में यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में कोरोना का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भी हालात पटरी पर नहीं हैं. यहां वायरल फीवर ने तेजी से पैर पसार लिए हैं. चिंता की बात ये है कि इसमें सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित हो रहे हैं. यूपी के कई जिलों में हालात ये हैं कि अस्पतालों में जगह नहीं बच रही है. यूपी के फिरोजाबाद जिले में इस बीमारी ने न जाने कितनों मासूमों की जिंदगी ले ली है. इसी बीच लोगों को ये भी चिंता है कि कहीं ये कोरोना की तीसरी लहर तो नहीं.

कोरोना की तीसरी लहर का सता रहा डर...

कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुई है. इसी बीच वायरल फीवर ने देश के तमाम राज्यों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. यूपी में बच्चे इन दिनों बुखार से पस्त हैं. ताजा मामलों को देखते हुए साफ है कि ये वायरस ज्यादातर बच्चों को ही अपना शिकार बना रहे है.

यूपी के कई जिले प्रभावित...

उत्तर प्रदेश में डेंगू और वायरल डेंगू और वायरल फीवर बढ़ता जा रहा है. प्रदेश के फिरोजाबाद, मथुरा, बलिया जैसे जिलों में परेशानी लगातार बढ़ रही है. यहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. वहीं मथुरा के कई गांवों में भी इसका प्रकोप और केस बढ़ते जा रहे हैं. वहीं मथुरा में अब तक एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

यूपी के फिरोजाबाद में गहराता मौत का संकट...

फिरोजाबाद और आसपास के इलाकों में फैला डेंगू का बुखार कैसे 'संदिग्ध' बना, इसके पीछे की वजह अलाइजा टेस्ट का न हो पाना है. शुरुआती दौर में जो मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे उनका केवल रैपिड एंटीजेन टेस्ट हुआ. जबकि डेंगू प्रोटोकॉल में साफ है कि जबतक अलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं होगी तबतक उसे डेंगू का मरीज नहीं माना जाएगा. वहीं, जबतक मेडिकल कॉलेज में अलाइजा टेस्ट का इंतजाम हो पाता तब तक स्थितियां बिगड़ चुकी थीं और फिरोजाबाद के कई इलाकों में मौत होने लगी थी. फिरोजाबाद में पहला डेंगू का मामला 18 अगस्त को सामने आया था. नगला अमान और कपावली में बुखार के मामले तेजी से बढ़ते गए और उसके बाद 10 दिन के अंदर बुखार ने शहर के सुदामापुरी, ऐलान नगर, रैपुरा समेत कई इलाकों को चपेट में ले लिया.

फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में 400 से अधिक मरीज भर्ती हैं. डेंगू से मौतों का कहर इतना बढ़ गया है कि पिछले 24 घंटे में पांच बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 106 लोग बुखार से दम तोड़ चुके हैं. यूपी की इस रहस्यमयी बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं. बता दें कि राजधानी लखनऊ, एटा, इटावा, सीतापुर, बाराबंकी, श्रावस्ती, कासगंज और फर्रुखाबाद से मामले सामने आ रहे हैं.

डीएम चंद्रविजय, नगर आयुक्त प्रेरणा शर्मा, महापौर नूतन राठौर, सीएमओ और सीएमएस समेत तमाम डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं. लेकिन डेंगू से पीड़ित बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. विकराल रूप लेते डेंगू को जहां स्वास्थ्य विभाग वायरल फीवर बता रहा है, वहीं लोगों के मन में डेंगू को लेकर डर बैठ गया है.

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