राजस्थान

Rajasthan: उदयपुर कलेक्ट्रेट में रखा है पूर्व PM लालबहादुर शास्त्री को तौलने वाला 56 किलो सोना, CGST को सौंपा गया

Nairitya Srivastva
14 Sep 2021 10:49 AM GMT
Rajasthan: उदयपुर कलेक्ट्रेट में रखा है पूर्व PM लालबहादुर शास्त्री को तौलने वाला 56 किलो सोना, CGST को सौंपा गया
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री से संबंध रखने वाला 56 किलो सोने को पाने के लिए केंद्र के अफसरों को अभी और इंतजार करना होगा. कोर्ट के कागज और मालखाना रजिस्टर में जब्ती से जुड़े नंबर मेल नहीं खाने पर राजस्थान के उदयपुर कलेक्टर ऑफिस ने यह सोना केंद्र सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया है.

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को तौलने के लिए 1965 में राजस्थान में 56.863 किलो सोना जमा किया गया था. यह सोना तब 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय जमा किया गया था. उस समय इसे जिला कलेक्टर के पास जमा करा दिया गया था.

कब और कैसे शुरू हुआ विवाद...

9 दिसंबर 1965 को गुणवंत नाम के व्यक्ति ने गणपत और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे 56.86 किलो सोना वापस नहीं किया. 16 दिसंबर, 1965 को गणपत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शास्त्री जी का वजन करने के लिए चित्तौड़गढ़ कलेक्टर को सोना सौंप दिया. जिनका उदयपुर में एक निर्धारित दौरा था. हालांकि, सोवियत संघ द्वारा आयोजित पाकिस्तान के साथ वार्ता के बाद जनवरी 1966 में शास्त्री जी का ताशकंद में निधन हो गया. इसके बाद पुलिस ने सोना जब्त कर लिया और उसकी कस्टडी चित्तौड़गढ़ कलेक्टर को दे दी गई. मामला कोर्ट में चलने के बाद 11 जनवरी 1975 में उदयपुर एसीजेएम कोर्ट ने सीजीएसटी को सोना सुपुर्द करने के आदेश दिए.

उदयपुर एसीजेएम कोर्ट के आदेश के पालन में एडीजे-1 कोर्ट ने जीएसटीसी के पक्ष में फैसला दिया. कोर्ट ने कहा कि यह सोना सीजीएसटी को सौंप दिया जाए. वहीं गणपत लाल आंजना ने अभी भी सोने से जुड़े सभी आदेशों के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की हुई है, जिस पर भी फैसला आना बाकी है.

सरकार को ज्यादा मिला सोना...

बताया जा रहा था कि उदयपुर में रखे सोने का वजन 56 किलो है. हालांकि सोमवार को वजन करने पर यह 67 किलो 800 ग्राम निकला. सोने में से 3 किलो 200 ग्राम सोने के बिस्किट को दस्तावेजों पर लिखे शब्दों का अंतर आने पर उदयपुर ही छोड़ दिया गया. बचा हुआ 64 किलो सोना लेकर सीजीएसटी की टीम रवाना हुई. वहीं शेष रहे 3 किलो 200 ग्राम सोने को लेकर अब फिर से कोर्ट में अपील की जाएगी.

कोर्ट का फैसला...

2020 में वापस GST के वकील ने उदयपुर न्यायालय में याचिका लगाई थी. फिर इसका निस्तारण हुआ. सीजीएसटी ने कागजों में लिखते वक्त गलती कर दी. अब इसे मानवीय भूल माना गया है. पुराने कागजों के आधार पर अधिकारियों ने कोर्ट में दिए दस्तावेजों में सोने की मात्रा कम लिख दी. हालांकि न्यायलय ने सोने की मात्रा का जिक्र न करते हुए समस्त सोने की सुपुर्दगी के आदेश दिए.

मालखाने के बाहर सोमवार दोपहर से देर रात तक सुरक्षाकर्मी तैनात रहे. सीजीएसटी अधिकारियों के बार-बार आने जाने से गहमा-गहमी का माहौल बना रहा. सुरक्षा कारणों के चलते इस सोने को कहां भेजा गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. इससे पहले सोना वापस पाने के लिए कोर्ट में याचिका लगीं और सुनवाई भी हुई लेकिन कोर्ट ने सोना लौटाने की अर्जी खारिज कर दी। अब कोर्ट के आदेश पर सोना सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स के पास रखा गया है.


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