राजस्थान

CBSE के बाद राजस्थान सरकार ने भी किया स्कूली पाठ्यक्रम में कटौती करने का फैसला

Janprahar Desk
10 July 2020 8:53 PM GMT
CBSE के बाद राजस्थान सरकार ने भी किया स्कूली पाठ्यक्रम में कटौती करने का फैसला
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राजस्थान बोर्ड और आर RSCIRT अलग-अलग समितियां बनाकर सिलेबस की समीक्षा करेंगे। यह आदेश शिक्षा मंत्री ने दिए हैं ।ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में समानता का व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि सीबीएसई ने अपने सिलेबस में कटौती की है ,तो राजस्थान बोर्ड को भी कटौती करनी चाहिए ।सभी बच्चे समान है।

सीबीएसई की ओर से पाठ्यक्रम में 30 फ़ीसदी कटौती की गई है और इस कटौती के बाद राजस्थान के स्कूली पाठ्यक्रम में भी कटौती करने का फैसला लिया गया है। पाठ्यक्रम इस तरीके से रखा जाएगा कि बचे हुए दिनों के अनुसार विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूर्ण करने में परेशानी का सामना ना करना पड़े ।या आसान शब्दों में यह कहा जा सकता है कि स्कूलों के जितने कार्यदिवस होंगे ,उसी के आधार पर सिलेबस रखा जाएगा।

राजस्थान सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राजस्थान स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग को सिलेबस बनाने के लिए आदेश दिए हैं और उन्हें कहा है कि इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि जो दिन बीत चुके हैं ,उनके आधार पर ऐसा सिलेबस बनाया जाए जो बचे हुए दिनों में पूर्ण करने में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े ।

वही एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार बात की जाए तो पिछले वर्ष जुलाई से लेकर मार्च तक के कार्य दिवसों की संख्या लगभग 207 थी। जिसमें जुलाई में 27 कार्य दिवस थे ।इस साल जुलाई में स्कूल बंद है और इस बार भी जुलाई मे कार्य दिवसों की संख्या 27 ही है ,जो कोरोना के चलते हुए कम हो गई है ।यदि प्रदेश में जुलाई के बाद भी अवकाश चलता ही रहा तो पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए कार्यदिवस और कम हो जाएंगे।

जिससे सिलेबस में कटौती करना अति आवश्यक है और यदि सिलेबस में कटौती नहीं की गई तो इसका असर अभिभावकों एवं शिक्षकों पर भी रहेगा। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को बताया कि पाठ्यक्रम की समीक्षा के निर्देश दे दिए गए हैं ।माध्यमिक शिक्षा बोर्ड हर साल कार्य दिवस को लेकर एक कैलेंडर जारी करता है ।

इस साल कैलेंडर जारी नहीं हुआ है ।लेकिन इसका अंदाजा बहुत ही आसानी से लगाया जा सकता है कि उनके चलते कार्य दिवसों में कमी आई है और इस कमी के आधार पर सिलेबस की समीक्षा की जानी काफी हद तक आवश्यक है ।सरकार ने नवी से बारहवीं तक के सिलेबस की समीक्षा के लिए राजस्थान बोर्ड को निर्देश दिए हैं।

राजस्थान बोर्ड और आर RSCIRT अलग-अलग समितियां बनाकर सिलेबस की समीक्षा करेंगे। यह आदेश शिक्षा मंत्री ने दिए हैं ।ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में समानता का व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि सीबीएसई ने अपने सिलेबस में कटौती की है ,तो राजस्थान बोर्ड को भी कटौती करनी चाहिए ।सभी बच्चे समान है।

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