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Covid-19 में कोलकाता High Court  ने दुर्गा पूजा में आगंतुओ (visitor's) पर लगाई रोक कहा नो-एंट्री ज़ोन है

Janprahar Desk
21 Oct 2020 7:06 PM GMT
Covid-19 में कोलकाता High Court  ने दुर्गा पूजा में आगंतुओ (visitors) पर लगाई रोक कहा नो-एंट्री ज़ोन है
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 कोलकाता-न्यायालय ने कहा के राज्य के सभी पंडाल पर नो एंट्री ज़ोन हैं किसी भी आगंतु को आने की इजाजत नहीं दी जाएगी साथ ही सभी आयोजकों के नामों की सूची पंडाल के बाहर ही लगाई जाएगी और केवल जिनका नाम सूची में हैं उनकी ही अंदर आने के अनुमति दी जाएगी।
कोलकाता-न्यायालय ने कहा के राज्य के सभी पंडाल पर नो एंट्री ज़ोन हैं किसी भी आगंतु को आने की इजाजत नहीं दी जाएगी साथ ही सभी आयोजकों के नामों की सूची पंडाल के बाहर ही लगाई जाएगी और केवल जिनका नाम सूची में हैं उनकी ही अंदर आने के अनुमति दी जाएगी।

कोविड-19 के चलते इस बार आयोजन भव्य तरीके से नहीं होगा लेकिन गाइडलाइन का पालन करते हुए दुर्गा पूजा पंडाल समिति अपने-अपने स्तर पर इसे मनाएंगी। कोरोनोवायरस मामलों में वृद्धि के कारण कई पंडाल समितियां इस बार आभासी 'दर्शन' की व्यवस्था कर रही हैं, हालांकि, कई अन्य पूजा संगठनों ने तर्क दिया है कि दुर्गा पूजा सभी समावेशी है, और आगंतु को पर पंडाल जाने से नहीं रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा, "अगर हम आगंतुकों के प्रवेश को रोकते हैं तो सामुदायिक पूजा का पूरा उद्देश्य पराजित हो जाएगा। इसलिए उन्होंने कहा, हम सभी अनुष्ठानों को सोशल मीडिया पर लाइव करेंगे। समिति की तरफ से कहा गया हम लोगों को निराश नहीं होने देंगे । साथ ही जिन आयोजकों को अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी उनका भी पुरा आश्वासन दिया है कि भीड़ को प्रबंधित करने और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरती जाएगी।

महामारी कोरोनावायरस को मद्देनजर रखकर यह निर्णय लिया गया । राज्य के लगभग 34000+ पंडाल हैं जिनमे छोटे बड़े सभी पंडालों पर बैरीकेडिंग की जाएगी। एक समय में केवल 25 लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। और ममता बैनर्जी सरकार द्धारा भी सभी छोटे बड़े पंडालों को 50% भत्ता राशि देंगे पूजा आयोजन के लिए । कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते लोगों ने बहुत सारी कठिनाईयों का सामना किया और वे काफी तनाव में रहे हैं। मां दुर्गा से कोरोना संकट से बाहर निकालने की प्रार्थना करें।''

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