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पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, अब शादियों में 50 की जगह 30 लोग ही होंगे शामिल

Janprahar Desk
14 July 2020 10:45 AM GMT
पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान, अब शादियों में 50 की जगह 30 लोग ही होंगे शामिल
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सामाजिक समारोहों को पांच और ब्याह-शादी को 50 की बजाय 30 तक सीमित कर दिया है। बाकी जगह पांच या इससे ज्यादा लोगों के इकट्‌ठा होने पर पाबंदी रहेगी। अगर ऐसा होता है तो पुलिस को एफआइआर दर्ज करने का अधिकार दिया गया है।

पंजाब सरकार ने अन्य राज्यों की कोरोना संक्रमितो के मामलों में खराब स्थिति से भलीभांति परिचित होकर एक बड़ा बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने बयान में कहा कि पंजाब को मुंबई/ दिल्ली जैसा नहीं बनने देंगे। और सभी लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री जी का बड़ा बयान सामने आया है ।

घोषणा के अनुसार पंजाब में जहां शादी और समारोह में 50 लोगों की अनुमति थी ।अब 30 लोग ही शामिल हो पाएंगे ।हालात को काबू करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर ,भीड़ भाड़ पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है । साथ ही यह भी कहा कि सार्वजनिक सभाओं में 5 व्यक्तियों तक इजाजत दी जाएगी।

स्थिति को काबू करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए और कहा गया कि जो भी इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करेगा ,उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी । एफआइआर भी दर्ज की जाएगी । नोटिफिकेशन के मुताबिक पुलिस और सिविल प्रशासन की शादी थी में सामाजिक सभा धारा 144 (अधिक पांच तक सीमित के साथ-साथ विवाह और सामाजिक समागम ऊपर रोक) की सख्ती से पालना करवाएंगे।

यदि 30 से ज्यादा आदमी किसी भी सामाजिक समारोह में पाए गए तो होटल के प्रबंधकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन होने की सूरत में लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।मैरिज/ पैलेस/ होटल /अन्य व्यापारिक स्थानों के प्रबंध को प्रमाणित करना होगा कि अंदरूनी स्थानों से हवा की निकासी के लिए उचित बंदोबस्त है या नहीं । मास्क पहनने को लेकर सरकार ने ऐलान किया कि सार्वजनिक स्थल के साथ-साथ कार्य स्थानों, कार्यालय, बंद स्थानों में मास्क पहनना अनिवार्य है। वही सरकारी दफ्तरों में किसी भी प्रकार के प्रेजेंटेशन में ऐसी बैठकों में रोक लगा दी गई है जिसमें 5 से ज्यादा लोग शामिल होंगे।

पंजाब सरकार ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश किए है की वे यह सुनिश्चित करें कि उनके जिले में कोई भी प्राइवेट अस्पताल कोविड 19 के मरीजों का इलाज करने से मना नहीं कर रहा हो। राज्य सरकार ने निगरानी तेज करने के मकसद से आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों के साथ भी साझेदारी की है, ताकि भविष्य में कार्रवाई के लिए सुपर-स्प्रेडर सभाओं की पहचान करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सके।

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