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बेंगलुरु पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर प्लॉट बेचने वाले गिरोह को दबोचा !

Janprahar Desk
20 Jan 2021 4:28 PM GMT
बेंगलुरु पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर प्लॉट बेचने वाले गिरोह को दबोचा !
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बेंगलुरु पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों पर प्लॉट बेचने वाले गिरोह को दबोचा !
बेंगलुरु, 20 जनवरी:- पुलिस ने 29 वर्षीय एक महिला के नेतृत्व में एक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो शहर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट बेचने के गोरखधंधे में शामिल रहे हैं। दक्षिणी बेंगलुरु पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 16.83 लाख रुपये की कीमत के सोने के आभूषण और करीब 35 लाख रुपये की कीमत वाली तीन कारें बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के काम करने का तरीका यह था कि वे सबसे पहले शहर के बाहरी इलाके में एक खाली जगह की पहचान करते थे। गिरोह के सदस्य ऐसी जगह की तलाश करते थे, जहां पर जमीन की कीमत बहुत अधिक होती थी, मगर ये जगह रिहायशी इलाके से काफी दूर होती थी।

पुलिस ने बताया, एक बार जब वे साइट की पहचान कर लेते थे तो इसके बाद वे यह साबित करने के लिए कि वह उस जगह के मालिक हैं, इसके लिए गिरोह के सदस्यों के नाम पर झूठे दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्यों में से एक रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर अपने आपको प्रस्तुत करता था और एक सस्ती कीमत पर प्लॉट की तलाश कर रहे निवेशकों की पहचान करता था।

पुलिस ने कहा, इसके बाद गिरोह के दो सदस्यों को पति और पत्नी के तौर पर प्रस्तुत किया जाता था और निवेशकों को बताया जाता था कि उन्हें किसी मुसीबत के कारण अपनी संपत्ति बेचनी पड़ रही है।

पुलिस ने दावा किया कि भोले-भाले निवेशक तुरंत उन पर विश्वास कर लेते थे, क्योंकि आरोपी ऐसा जाल बिछाते थे कि पति और पत्नी किसी संकट में स्पष्ट रूप से अपनी संपत्ति को बेचने की कोशिश करते हुए दिखाई देते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान 29 वर्षीय कीर्तन शेखर, शेखर (36), पवन कुमार उर्फ मिशेल डिसूजा (36), प्रज्‍जवल रमैया, उमामहेश राव (41) और जयप्रकाश एम. (39) के रूप में हुई है।

पुलिस ने कहा कि पवन को छोड़कर सभी आरोपी विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों में काम करते थे। पवन एक बैंक लोन एजेंट है, जो गिरोह के सदस्यों को विभिन्न प्रकार के नियमों और विनियमों (रूल्स एंड रेगुलेशन) की जानकारी देता था। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह ने अभी तक फर्जी तरीके से कितने प्लॉट बेचे हैं।

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