महाराष्ट्र

घुसपैठियों की जानकारी दो और 5000 रुपया लो… औरंगाबाद में MNS ने लगाए पोस्टर।

Janprahar Desk
28 Feb 2020 9:54 AM GMT
घुसपैठियों की जानकारी दो और 5000 रुपया लो… औरंगाबाद में MNS ने लगाए पोस्टर।
x
महाराष्ट्र (Maharashtra) में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी (Pakistani and Bangladeshi) घुसपैठियों के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का अभियान जारी है. औरंगाबाद में मनसे की ओर से एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लिखा है कि घुसपैठियों की जानकारी देने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा. इससे पहले मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj

महाराष्ट्र (Maharashtra) में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी (Pakistani and Bangladeshi) घुसपैठियों के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का अभियान जारी है. औरंगाबाद में मनसे की ओर से एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लिखा है कि घुसपैठियों की जानकारी देने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा. इससे पहले मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने एक रैली निकालकर घुसपैठियों को बाहर निकालने की मांग की थी.

मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कहा था कि गैर-कानूनी रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर भारत में बसे प्रवासियों को उठाकर बाहर फेंक दिया जाना चाहिए, क्योंकि वे देश पर अनावश्यक बोझ हैं. ये प्रवासी आते हैं और देशभर में फैल जाते हैं. राज्यों को उनका बोझ सहना पड़ता है. वे स्थानीय युवाओं की नौकरियां छीन लेते हैं.

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा कि यह खेल खेलने के लिए मैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को बधाई देता हूं. एक ही कदम (CAA-NRC) से देश में उभरे आर्थिक संकट से लोगों का ध्यान हट गया. वाह, क्या कमाल खेला. ठाकरे ने मांग करते हुए पूछा कि 135 करोड़ लोगों वाले देश में क्या सच में बाहर से लोगों को लाने की जरूरत थी? या फिर भारत शरणार्थियों के लिए एक धर्मशाला बन चुका है.

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कहा कि सरकार को पहले यह पता लगाना चाहिए कि सदियों से देश में रह रहे भारतीय मुस्लिम कौन है और पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए प्रवासी कौन है. यह पता लगाने के बाद उन्हें देश से निकाल देना चाहिए. मेरी समझ में नहीं आता जब हमारी समस्याएं नहीं सुलझी हैं, तो हम क्यों शरणार्थियों को लेकर उन्हें नागरिकता दे रहे हैं? क्या शरणार्थियों को शरण देने के लिए केवल हम ही बचे हैं? सरकार को चाहिए कि पहले वह अपने लोगों के प्रति चिंता दिखाए.

Next Story