महाराष्ट्र

देखिये शरद पवार (Sharad Pawar) ने किया खुलासा, क्यों NCP ने शिवसेना (ShivSena) से मिलाया हाथ।

Janprahar Desk
23 Jan 2020 7:41 PM GMT
देखिये शरद पवार (Sharad Pawar) ने किया खुलासा, क्यों NCP ने शिवसेना (ShivSena) से मिलाया हाथ।
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राकांपा प्रमुख शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों ने उनसे कहा था कि यदि उनकी पार्टी शिवसेना (Shivsena) के साथ हाथ मिलाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी लेकिन भाजपा (BJP) को महाराष्ट्र में सत्ता से दूर रखा जाना चाहिए। शिवसेना (Shivsena) और भाजपा (BJP) ने गत

राकांपा प्रमुख शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों ने उनसे कहा था कि यदि उनकी पार्टी शिवसेना (Shivsena) के साथ हाथ मिलाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी लेकिन भाजपा (BJP) को महाराष्ट्र में सत्ता से दूर रखा जाना चाहिए।

शिवसेना (Shivsena) और भाजपा (BJP) ने गत वर्ष अक्टूबर में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था लेकिन मुख्यमंत्री का पद ढाई वर्ष बारी बारी से साझा करने के मुद्दे पर असहमति के चलते दोनों अलग हो गईं। शिवसेना (Shivsena), राकांपा (NCP) और कांग्रेस (Congress) एकसाथ आईं और काफी विचार विमर्श के बाद राज्य में सरकार बनाई।

राकांपा (NCP) के अल्पसंख्यक इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पवार ने इस बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य में तीन चार सप्ताहों से (शिवसेना-भाजपा) सरकार गठन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था। पवार ने कहा कि शिवसेना के साथ संभावित तालमेल के बारे में महाराष्ट्र के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के लोगों से सलाह ली गई थी।

राकांपा प्रमुख शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने कहा, हमें अल्पसंख्यकों की ओर से कहा गया कि यदि आप शिवसेना (Shivsena का साथ लेना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं लेकिन भाजपा (BJP) को दूर रखिए। अल्पसंख्यकों ने उस कदम शिवसेना को साथ लेने का स्वागत किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम ने देश को एक राह दिखाई है। उन्होंने इस पहल के लिए समुदाय की प्रशंसा की। पवार ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों ने राज्य चुनाव में भाजपा (BJP) के लिए वोट नहीं किया। उन्होंने कहा कि समुदाय के सदस्य जब कोई निर्णय करते हैं तो यह किसी पार्टी की हार सुनिश्चित करने के लिए होता है।

राज्य सरकार में अल्पसंख्यक मामलों का विभाग कल्याणकारी कार्यों के लिए उनकी पार्टी को दिया जाना चाहिए। राकांपा नेता ने कहा कि नवाब मलिक राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ गत वर्ष 28 नवम्बर को ली थी।

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