महाराष्ट्र

Bhima-Koregaon: मामले के बाद शिवसेना-NCP में अब इस मुद्दे पर तकरार, शरद पवार बोले- पार्टियों में अलग राय हो सकती है लेकिन…

Janprahar Desk
18 Feb 2020 7:25 PM GMT
Bhima-Koregaon: मामले के बाद शिवसेना-NCP में अब इस मुद्दे पर तकरार, शरद पवार बोले- पार्टियों में अलग राय हो सकती है लेकिन…
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महाराष्ट्र सरकार में शामिल शिवसेना (Shiv Sena) और एनसीपी (NCP) भीमा-कोरेगांव मामले के बाद अब CAA और NPR के मामले पर आमने-सामने हैं. एनसीपी जहां NPR के खिलाफ है तो वहीं उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इसका समर्थन किया है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि CAA और NRC दोनों अलग चीज़ें हैं और NPR अलग.

महाराष्ट्र सरकार में शामिल शिवसेना (Shiv Sena) और एनसीपी (NCP) भीमा-कोरेगांव मामले के बाद अब CAA और NPR के मामले पर आमने-सामने हैं. एनसीपी जहां NPR के खिलाफ है तो वहीं उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इसका समर्थन किया है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि CAA और NRC दोनों अलग चीज़ें हैं और NPR अलग. उन्होंने कहा कि अगर नागरिकता संशोधन कानून लागू होता है तो किसी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. उद्धव ने कहा कि NRC लागू नहीं होगा, क्योंकि इसका असर सिर्फ़ मुसलमानों या हिंदुओं पर ही नहीं बल्कि आदिवासियों पर भी होगा. जहां तक NPR का सवाल है तो जनगणना हर 10 साल में होती है और मुझे नहीं लगता कि इससे किसी पर कोई असर होगा. वहीं, सोमवार को हुए एनसीपी की बैठक के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने NPR को लेकर सवाल उठाए थे.

उधर, एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी माना की सरकार में शामिल पार्टियों के बीच मतभेद है. हालांकि पवार ने कहा कि वो इस मुद्दे पर उद्धव ठाकरे को मनाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार में मौजूद लोगों की कई मुद्दों पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन ये सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चल रही है.

हीं, NCP प्रमुख शरद पवार की नाराजगी के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि एलगार परिषद का मामला और भीमा कोरेगांव का मामला अलग-अलग है. भीमा कोरेगांव का मामला मेरे दलित भाइयों से जुड़ा हुआ है. इस जांच को केंद्र के हाथ में नहीं दिया जा सकता है, और इसे केंद्र को नहीं सौंपा जाएगा. जबकि एलगार परिषद के मामले को केंद्र देख रही है

बता दें कि इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार में विवाद शुरू हो गया था. महाराष्ट्र में भीमा-कोरेगांव मामले की एनआईए से जांच को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हरी झंडी देने से नाराज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से मामले की एसआईटी जांच कराने का फैसला लिया था..

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