गुजरात

गुजरात: गोबर गैस को सीएनजी में कन्वर्ट करने के लिए देश में बना पहला प्लांट

Janprahar Desk
4 Aug 2020 7:49 PM GMT
गुजरात: गोबर गैस को सीएनजी में कन्वर्ट करने के लिए देश में बना पहला प्लांट
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गुजरात की बनास डायरी में इसी सप्ताह से एक सीएनजी स्टेशन की शुरुआत होगी, जिसकी कीमत करीब ₹8 करोड़ है ।यह देश में बन रहा पहला ऐसा प्लांट है ,जहां गोबर गैस को सीएनजी में कन्वर्ट किया जाएगा ।बनास डेयरी के एमडी कामराज भाई चौधरी है ।
जिनका कहना है कि सीएनजी स्टेशन बनासकांठा में धामा गांव के पास डीसा थराह रोड पर बन रहा है।

गुजरात की बनास डायरी में इसी सप्ताह से एक सीएनजी स्टेशन की शुरुआत होगी, जिसकी कीमत करीब ₹8 करोड़ है ।यह देश में बन रहा पहला ऐसा प्लांट है ,जहां गोबर गैस को सीएनजी में कन्वर्ट किया जाएगा ।बनास डेयरी के एमडी कामराज भाई चौधरी है ।
जिनका कहना है कि सीएनजी स्टेशन बनासकांठा में धामा गांव के पास डीसा थराह रोड पर बन रहा है।
यहां आस-पास के क्षेत्रों में भी काफी कार्य किए जा रहे हैं ताकि पशुपालकों से गोबर आसानी से खरीदा जा सके। बनास डेयरी के एमडी कामराज भाई चौधरी ने बताया कि प्लांट के पास 12 गांव के 254 पशुपालकों से गोबर खरीदने के लिए हर दिन ट्रैक्टर ट्रॉली भेज रहे हैं। दूध की तर्ज पर गोबर का भुगतान भी भली-भांति किया जा रहा है ।

उन्होंने बताया कि 15 दिन के अंतराल पर गोबर का भुगतान कर दिया जाता है ।इसी के साथ इस प्लांट को कामयाबी के साथ लगाने के बाद भविष्य में भी आगे और प्लांट बनाने की प्लानिंग चल रही है। गुजरात में 25 से 30 गांव में गोबर गैस प्लांट बनाने की प्लानिंग चल रही है।
प्लांट की क्रिया विधि के बारे में बात की जाए तो इस प्लांट के लिए अभी हर दिन लगभग 40 हजार किलो गोबर की जरूरत पड़ रही है ।और गोबर की आपूर्ति करने के लिए एक रुपए प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदा जा रहा है। यह प्लांट 2000 घन मीटर कच्ची बायोगैस पैदा कर रहा है। इस पैदा हुई बायोगैस से 800 किलो सीएनजी पैदा हो रही है ।

इस गैस को जरूरत के अनुसार प्रयोग किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस गैस को जरूरत के अनुसार प्रोसेसिंग कर, सिलेंडर में भरकर सीएनजी स्टेशन तक पहुंचाने की भली भांति व्यवस्था की जा रही है ।उत्पादित हुई सीएनजी मार्केट रेट ही बिकेगी ।प्लांट में खराब आलू से भी गैस बनाने की व्यवस्था की जा रही है।

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