छत्तीसगढ़

रायपुर महापौर और छत्तीसगढ़ CM के नजदीकी नौकरशाह के घर Income Tax Reid।

Janprahar Desk
27 Feb 2020 4:59 PM GMT
रायपुर महापौर और छत्तीसगढ़ CM के नजदीकी नौकरशाह के घर Income Tax Reid।
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने रायपुर के महापौर ढेबर, उनके भाई अनवर ढेबर सहित पूर्व प्रमुख सचिव और रेरा चेयरमैन विवेक ढांढ, IAS अधिकारी अनिल टुटेजा की पत्नी मीनाक्षी टुटेजा सहित अन्य अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने रायपुर के महापौर ढेबर, उनके भाई अनवर ढेबर सहित पूर्व प्रमुख सचिव और रेरा चेयरमैन विवेक ढांढ, IAS अधिकारी अनिल टुटेजा की पत्नी मीनाक्षी टुटेजा सहित अन्य अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा है। महापौर के होटलों पर भी कार्यवाही की जा रही है। विभाग सभी जगहों से आय व्यय का लेखा-जोखा जुटा रही है। टीम को यहां बड़ी टैक्स चोरी की आशंका है। कार्रवाई में 200 से ज्यादा CRPF के जवान शामिल हैं। रायपुर के महापौर एजाज ढेबर को प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है। विभाग की टीम रायपुर में संचालित ढेबर के होटल सहित प्लाजा में जांच करने के लिए पहुंची है।

ढेबर के कारोबार से संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार महापौर एजाज के छह से ज्यादा ठिकानों के अलावा लगभग एक दर्जन स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। आयकर की केंद्र टीम जांच कर रही है। वहीं IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, शराब कारोबारी पप्पू भाटिया, गुरुचरण सिंह होरा, पप्पू फरिश्ता, संजय संचेती और सीए कमलेश्वर जैन के ठिकानों पर भी आयकर की जांच चल रही है।

IAS टुटेजा भी मुख्यमंत्री बघेल के करीबी माने जाते हैं। उनकी शिकायत पर ही चर्चित नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने नए सिरे से जांच के लिए SIT का गठन किया है। पिछले 15 दिनों से आयकर की अलग-अलग टीम राज्य में जगह-जगह छापे मार रही हैं। आयकर विभाग को दवाई कारोबारी लक्ष्मी मेडिकल ने 7.50 करोड़ रुपए सरेंडर किए हैं।

विभाग की टीम ने चार दिन पहले लक्ष्मी मेडिकल के कई ठिकानों पर छापे मारे थे और कई सालों के रिकॉड खंगाले थे। तीन दिन तक चली कार्रवाई में करोड़ों की अघोषित संपत्ति का ब्यौरा मिला था। जांच के दौरान मुनाफे को कम दिखाने, कैश में ज्यादा कारोबार करने और बोगस खर्चें दिखाने की बात सामने आई थी।

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