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IPL 2020 : इस  साल अलग होंगे आईपीएल और VIVO के रास्ते !

Janprahar Desk
5 Aug 2020 11:10 PM GMT
IPL 2020 : इस  साल अलग होंगे आईपीएल और VIVO के रास्ते !
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भारत और  चीन में बढ़ते तनाव  में चीनी मोबाइल कंपनी वीवो इस साल आईपीएल से अलग हो सकती है। रविवार को आईपीएल गवर्निंग कॉउन्सिल ने चीनी कंपनी को बरकरार रखने की घोषणा की थी लेकिन सोशल मीडिया पर प्रशंसको के गुस्से और स्वदेशी जागरण मंच के विरोध के बाद में अब भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड (BCCI) बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में है। 


भारत और  चीन में बढ़ते तनाव  में चीनी मोबाइल कंपनी वीवो इस साल आईपीएल से अलग हो सकती है। रविवार को आईपीएल गवर्निंग कॉउन्सिल ने चीनी कंपनी को बरकरार रखने की घोषणा की थी लेकिन सोशल मीडिया पर प्रशंसको के गुस्से और स्वदेशी जागरण मंच के विरोध के बाद में अब भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड (BCCI) बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में है। 

खबरों  के अनुसार फिलहाल दोनों के बीच में यह सहमति बानी है की आईपीएल की मुख्य प्रायोजक कंपनी वीवो इस साल (यूएइ) में होने वाले आईपीएल से हट जाए। वीवो का 2018 -2022 तक 2199 करोड़ रुपये का करार है। उसके दो साल पुरे हो चुके है।अब सहमति बनी है की चीनी कंपनी इस साल मुख्य प्रायोजक के रूप से  हट जाए और उसका करार 2023 तक बढ़ा दिया जाये। आईपीएल इस साल 19 सितम्बर से 10 नवम्बर के बीच होना है। 

पूर्व लद्दाख में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प के बाद बी सी सी आई  ने कहा था की फैसला आपसी सहमति से होगा।  अलग अलग हालात में अगर प्रायोजक वादा पूरा नहीं कर पाता है तो बोर्ड बैंक गारंटी भुनाता है लेकिन यहाँ दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान तलाश रहे है। अधिकारी ने कहा है की यह संवेदनशील समय है और हमे सावधानी बरतनी होगी। एकबार हम कह दे की प्रयोजन की समीक्षा करेंगे और फिर कुछ ना करे तो इससे चीनी कंपनी के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठेंगे। हम नए प्रायोजकों से बात कर रहे है। इतने काम समय में इतनी बड़ी रकम मिलना तो मुश्किल है लेकिन हमे नया प्रायोजक मिल जाएगा। वीवो के आधिकारिक रूप से अलग होते ही सबको बताया जाएगा। 

राष्ट्रवादी संगठनों ने किया था इसका विरोध:-

राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने तो देश के नागरिकों से IPL के बहिष्कार की अपील तक कर डाली थी। एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा था कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और आईपीएल की संचालन समिति ने चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों का अनादर किया है।
 

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