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द्रविड़ ने टीम इंडिया में फिर से शुरू की पुरानी परंपरा, खास मौके के लिए सुनील गावस्कर को बुलाया

Ankit Singh
25 Nov 2021 10:51 AM GMT
द्रविड़ ने टीम इंडिया में फिर से शुरू की पुरानी परंपरा, खास मौके के लिए सुनील गावस्कर को बुलाया
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IND vs NZ: टीम इंडिया का कोच कोच पैड संभालते ही राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने एक पुरानी परंपरा को फिर से जिंदा कर दिया है। इस परंपरा की शुरूआत वैसे ऑस्ट्रेलिया में हुई थी, लेकिन भारतीय टीम में भेज यह परंपरा दशकों से चल रही थी।

IND vs NZ: भारतीय टीम के नए कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने जब से अपना पद संभाला है जब से टीम इंडिया विजयी रथ पर सवार है। नए कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और नए कोच के नेतृत्व में नए खिलाड़ियों को भी खेलने का मौका मिल रहा है। इसी क्रम में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैथ में श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को डेब्यू करने का मौका मिला।

श्रेयस के डेब्यू करते ही Rahul Dravid ने भी टीम इंडिया की एक पुरानी परंपरा जो खत्म होती जा रही थी, उसे फिर से जिंदा कर दिया। इस खास मौके के लिए पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को बुलाया गया था।

दरअसल कोच Rahul Dravid ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से नये खिलाड़ियों को यह प्रतिष्ठित कैप (टोपी) दिलाने की पुरानी परंपरा फिर से जिंदा कर दी है। गुरुवार को Shreyas Iyer को 'टेस्ट कैप' सौंपकर यह परंपरा टेस्ट में फिर से शुरू कर दी गई है।


बता दें कि Shreyas Iyer भारतीय टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने वाले 303वें खिलाड़ी बने है। इस खास मौके पर टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज Sunil Gavaskar को बुलाया गया था। उन्होंने अय्यर को टेस्ट कैप सौंपी। कैप देते वक्त गावस्कर ने अय्यर से कुछ कहा भी। गावस्कर की बात सुनने के बाद अय्यर ने कैप लेकर उसे चूम लिया।

भरतीय टीम में प्रतिष्ठित कैप सौंपने की परंपरा लंबे अरसे से चली आ रही थी, इस दौरान अपने समय के दिग्गज खिलाड़ी को बुलाकर डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को कैप दी जाती थी। लेकिन कुछ समय से टीम के कप्तान या सीनियर खिलाड़ी ही पदार्पण करने वाले कैप सौंपता था। लेकिन राहुल ने आते ही यह परंपरा फिर से शुरू कर दी।

द्रविड़ खुद को परंपरावादी मानते है, यही वजह है उन्होंने अय्यर को कैप सौंपने के लिए गावस्कर को बुलाया। बता दें कि इससे पहले टी20 सीरीज के दौरान द्रविड़ ने हर्षल पटेल (Harshal Patel) को राष्ट्रीय टीम की कैप प्रदान करने के लिए सीमित ओवरों के सबसे सफल भारतीय गेंदबाजों में से एक अजित अगरकर को बुलाया था।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय कैप सौंपने की परंपरा ऑस्ट्रेलिया में शुरू से निभाई गई है। ऑस्ट्रेलिया टीम के सीनियर खिलाड़ी नए खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया की बैगी ग्रीन टोपी देते थे।

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