धर्म

क्या कारण है कि वृन्दावन के निधिवन में शाम की आरती के बाद एक परिंदा भी नज़र नहीं आता ?

Janprahar Desk
28 May 2020 9:08 PM GMT
क्या कारण है कि वृन्दावन के निधिवन में शाम की आरती के बाद एक परिंदा भी नज़र नहीं आता ?
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भारत एक बहुत ही धार्मिक देश के रूप  माना जाता है यहाँ विभिन्न धर्मो की विभिन्न मान्यताए है और बहुत से रहस्य भी है | इन्ही रहस्यो में से एक रहस्य वृन्दावन के निधिवन से जुड़ा हुआ है|

वैसे तो हमे पता ही है की मथुरा और वृन्दावन राधा कृष्ण की लीला के लिए कितने प्रसिद्ध है मथुरा और वृन्दावन में भगवान श्री कृष्ण ने बहुत सी लीला करी है| लेकिन वृन्दावन में आज भी एक ऐसी जगह है जहा भगवन श्री कृष्ण और राधा हर रात अपनी हज़ारो गोपियों के साथ लीला करते है, वह  स्थान है वृन्दावन का निधिवन तो आइए जानते है आखिर इसके पीछे क्या रहस्य और क्या कहानिया जुडी हुई है :-

शाम की आरती के बाद बंद हो जाते है मंदिर के कपाट :-

ऐसा कहा जाता है की इस मंदिर के कपाट शाम की आरती के बाद बंद हो जाते है और यहाँ दिन में रहने वाले पशु पक्षी भी शाम की आरती के बाद यहाँ से चले जाते है क्योंकि मान्यता है की निधि वन के अंदर ही है एक महल है जिसका नाम रंग महलहै और जिसके बारे में मान्यता है की रोज़ रात यहाँ पर राधा और कन्हैया आते है। रंग महल में राधा और कन्हैया के लिए रखे गए चंदन की पलंग को शाम सात बजे के पहले सजा दिया जाता है। पलंग के बगल में एक लोटा पानी, राधाजी के श्रृंगार का सामान और दातुन संग पान रख दिया जाता है। और जब सुबह  रंग महलका पट खुलता है तो बिस्तर अस्त-व्यस्त, लोटे का पानी खाली, दातुन कुची हुई और पान खाया हुआ मिलता है।

     लेकिन बहुत से लोगो को इस पर विश्वास नही हुआ तो वे लोग निधिवन के परिसर इन लीला को अपनी आँखो से देखने के लिए छिप गए लेकिन जिन लोगों ने इस तरह की कोशिश की है, उनकी दृष्टि, भाषण या इससे भी बदतर मानसिक ध्वनि खो गई| ऐसे  अनेकों किस्से यहाँ के लोग बताते है। ऐसे ही एक  वयक्ति थे पागल बाबा जिनकी समाधि भी निधि वन में बनी हुई है। उनके बारे में भी कहा जाता है की उन्होंने भी एक बार निधि वन में छुपकर रास लीला देखने की कोशिश की थी। जिससे की वो पागल ही गए थे। चुकी वो कृष्ण के अनन्य भक्त थे इसलिए उनकी मृत्यु के पश्चात मंदिर कमेटी ने निधि वन में ही उनकी समाधि बनवा दी।

    यहाँ के लोग तो ये भी बताते है कि वन के आसपास बने मकानों में खिड़कियां नहीं हैं। और  शाम सात बजे के बाद कोई इस वन की तरफ नहीं देखता। जिन लोगों ने देखने का प्रयास किया या तो अंधे हो गए या फिर उनके ऊपर दैवी आपदा आ गई। जिन मकानों में खिड़कियां हैं भी, उनके घर के लोग शाम सात बजे मंदिर की आरती का घंटा बजते ही बंद कर लेते हैं। कुछ लोग तो अपनी खिड़कियों को ईंटों से बंद भी करा दिया है।

     वास्तव में निधिवन एक बहुत ही रहस्य्मयी जगह है और इसके बारे में अभी तक कुछ भी जानना  बहुत मुश्किल है | रहस्य्मयी होने के कारण ये  केबल सिर्फ  लोगो का बल्कि दुनियभर  ध्यान आकर्षित करती है |

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