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हिन्दू धर्म में व्रत और उपवास का क्या महत्व है ?

Janprahar Desk
27 Jun 2020 8:43 PM GMT
हिन्दू धर्म में व्रत और उपवास का क्या महत्व है ?
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दोस्तों आपने अक्सर घर की महिलाओ के मुँह से सुना होगा की आज ये व्रत है आज ये उपवास है हमारा भारत देश त्योहारों का देश कहा जाता है यहा हर रोज़ कोई न कोई पूजा या त्यौहार  होता ही रहता है।  लेकिन क्या आप जानते है की ये व्रत उपवास होते क्या है और ये क्यों रखे जाते है ? आइये आज मैं आपको बताती हु की क्यों करते है ये व्रत और उपवास और क्या है इस का महत्व ?

किसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए  दिन भर के लिए अन्न जल या अन्य भोजन या इन सब का त्याग व्रत कहलाता है। मनुष्य को पुण्य के आचरण से सुख और पाप  के आचरण से दुख प्राप्त होता है। संसार का प्रत्येक प्राणी अपने अनुकूल सुख की प्राप्ति और अपनी प्रतिकूल दुख की निवृत्ति चाहता है। मानव की इस परिस्थिति को अवगत कर  परहित में रत ऋषि-मुनियों ने वेद पुराण स्मृति और समस्त निबंध ग्रंथों को आत्मसात कर मानव के कल्याण के लिए सुख की प्राप्ति और दुःख की निर्वर्ती के लिए अनेक उपाय कहे हैं उनमें से व्रत और उपवास श्रेष्ठ और सुगम उपाय है।

व्रत उपवास हमारी संस्कृति के एक अभिन्न अंग है इनका सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं है बल्कि शारीरिक रूप से भी बहुत अधिक महत्व है। व्रत उपवास करने से शरीर को कई प्रकार के लाभ होते हैं सामान्य तौर पर व्रत का मतलब एक समय का भोजन त्यागना और उपवास का मतलब दोनों समय का भोजन त्यागना होता है। व्रत उपवास करने से शरीर के अंदर होने वाली ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया और शरीर से विषैले तत्व निकलने की प्रक्रिया तेज होती है। जिससे शरीर को एक नई ताकत और उमंग का एहसास होता है।

शरीर में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं जो बहुत लाभदायक सिद्ध होते हैं इनसे मानसिक रूप से भी शांति और शक्ति मिलती है ये धार्मिक रूप से भी लाभदायक होता है।  व्रत उपवास शरीर और आत्मा की शुद्धि करते हैं।  उपवास का आध्यात्मिक अर्थ बहुत सुंदर और स्पष्ट है शरीर जिन पांच तत्वों से बना है उनमें से आकाश यानी खाली स्थान का बहुत महत्व है।

व्रत या उपवास से इसी आकाश तत्व की आपूर्ति शरीर को होती है उपवास  शब्द दो शब्दों से बना है उप यानी नजदीक और वास मतलब निवास करना अर्थात अपनी आत्मा के करीब स्थित होना उपवास है स्व में स्थित होने से स्वास्थ्य प्राप्त होता है। स्वस्थ रहना आपका कर्तव्य भी है और धर्म भी। व्रत उपवास करने से तन और मन के विकार दूर होकर तन स्वस्थ और मन पवित्र हो जाता है और यह वैज्ञानिक प्रयोगों से भी साबित हो चुका है।

तो दोस्तों अब आप समझ गए होंगे की आखिर क्यों हिन्दू धर्म में व्रत उपवास का इतना महत्व है और क्यों हिन्दू धर्म में लोग व्रत उपवास करते है।

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