धर्म

इस मंदिर में प्रवेश के लिए पुरुषो को करना पड़ता है पहले ये काम।

Janprahar Desk
19 July 2020 8:25 PM GMT
इस मंदिर में प्रवेश के लिए पुरुषो को करना पड़ता है पहले ये काम।
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मंदिर की अजीबोगरीब परंपरा। मंदिर में पुरुषों के प्रवेश को लेकर दिलचस्प कहानी। मंदिर में किसी को प्रवेश करते देखना बहुत ही आम बात है फिर चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला भगवान का द्वार तो हर किसी के लिए खुला रहता है।  लेकिन क्या आप जानते हैं हिंदुस्तान में एक ऐसा मंदिर भी है जहां पर पुरुषों को प्रवेश करते देखना बहुत ही दिलचस्प होता है तो चलिए आपको बताते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास जानकारी।

केरल के कोल्लम  जिले का कोत्तमकुलांगरा देवी के मंदिर में पुरुषों के लिए बना है मेकअप रूम केरल में स्थापित इस मंदिर के नियम के अनुसार यहां सिर्फ महिलाएं और किन्नर ही प्रवेश पा सकती हैं लेकिन लालसा के साथ कोई पुरुष यदि इस मंदिर

 में जाना चाहता है तो उसे रोका भी नहीं जाता बस एक शर्त रखी जाती है कि अगर मंदिर के अंदर प्रवेश करना है तो महिला  का वेश धारण करना होगा सिर्फ  इतना ही नहीं पूरा सोलह श्रृंगार कर सजना सवरना पड़ता है तभी वह पूजा कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि इस मंदिर में ऐसी अजीबोगरीब परंपरा कहां से आई।

मान्यता है कि श्री कोत्तमकुलांगरा देवी की शीला को जब पहली बार कुछ चरवाहों ने देखा तो उन्होंने वस्त्र फूल आदि अर्पित करके देवी का पूजन किया जिसके बाद देवी के शीला से दिव्य शक्ति निकलने लगी। इसके पश्चात इस मंदिर का निर्माण हुआ।

 इस मंदिर के बारे में यह भी कथा मिलती है कि जब कुछ लोगों द्वारा यहां शीला पर नारियल फोड़ा गया तो शीला से खून निकलने लगा उस चमत्कार को देखने के बाद लोगों ने इसे शक्तिपीठ मानकर इस का पूजन करना शुरू कर दिया। आपको बता दें कि केरल के इस देवी मंदिर में हर साल जामिया विलक्कू नाम का विशेष पर्व मनाया जाता है जिसमें शामिल होने के लिए दूर दराज से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस त्यौहार में शामिल होने वाले पुरुष श्रद्धालुओं को सजने संवरने के लिए अलग से मेकअप रूम दिया जाता है।

इसके अलावा इस मंदिर की एक और खासियत है जो इसे बहुत ही प्रसिद्ध बनाती है इस के गर्भ गृह के ऊपर छत और कलश नहीं है मान्यता यह भी है कि यहाँ देवी स्वयं प्रकट हुई थी देवी के पूजन के लिए यहां बड़ी संख्या में किन्नर भी आते हैं मंदिर को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि मंदिर में स्थापित देवी की प्रतिमा खुद-ब-खुद प्रकट हुई थी और राज्य का यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जिस के गर्भ गृह के ऊपर छत या कलश नहीं है।

अपनी ख़ास परंपराओं और मान्यताओं के लिए यह दिनों दिन दुनिया भर में प्रसिद्धि हासिल करता जा रहा है कहते  हैं कि पुरुष यहां पर अच्छी नौकरी अच्छी पत्नी की मुराद लेकर आते हैं और मंदिर के नियमों के अनुसार पूजा करने से उनकी यह इच्छा पूरी हो जाती है यही वजह है कि काफी संख्या में पुरुष यहाँ महिलाओं के वेश में पहुंचते हैं साथ ही मां की आराधना करके उनसे मनोवांछित पत्नी और नौकरी का आशीर्वाद पाते हैं।

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