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महादेव के निवास स्थान से जुड़े है ये रहस्य।

Janprahar Desk
28 Jun 2020 10:12 PM GMT
महादेव के निवास स्थान से जुड़े है ये रहस्य।
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दोस्तों ये तो आप सभी जानते है की कैलाश एक सबसे उच्चा पर्वत माना जाता है और ऐसा भी कहा जाता है कैलाश पर भगवान शिव वास करते है। लेकिन क्या आप जानते है की कैलास पर्वत के बहुत से रहस्य है जिनके बारे में आज मैं आपको बताउंगी।

कैलाश पर्वत को कहा जाता है धरती का केंद्र :- धरती के एक और उत्तरी ध्रुव है तो दूसरी ओर दक्षिणी ध्रुव है और इन दोनों ध्रुवो के बीच में स्थित है हिमालय पर्वत। हिमालय का केंद्र है कैलाश पर्वत। वैज्ञानिकों के अनुसार ये धरती का केंद्र है कैलाश पर्वत हिंदू जैन बौद्ध और सिख धर्म का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है।

आलोकिक शक्तियों का सबसे बड़ा केंद्र :- यहां एक ऐसा भी केंद्र है एक्सेस मुंडी कहा जाता है। एक्सेस मुंडी यानी कि दुनिया की नाभि या भौगोलिक धुएं का केंद्र। यह आकाश और पृथ्वी के बीच परस्पर संबंध का एक ऐसा बिंदु है जहां दसो दिशाए आपस में मिल जाती हैं। रसिया के वैज्ञानिकों के अनुसार एक्सेस मुंडी वो स्थान है जहा आलोकिक शक्तियों  आवागमन सबसे ज्यादा होता है।और आप उन शक्तियों के साथ सीधे संपर्क कर सकते हैं जो कि सबसे हैरान कर देने वाला रहस्य है।

पिरामिडनुमा कैलाश पर्वत :- कैलाश पर्वत एक विशालकाय पिरामिड है जो की सो  छोटे-छोटे पिरामिड का केंद्र है कैलाश पर्वत की संरचना कंपास चार दिग बिन्दुओ के समान है जो कि एकांत स्थान पर मौजूद है। जहा उसके जैसा कोई दूसरा विशाल पर्वत नहीं है।

कैलाश पर्वत के शिखर पर कोई नहीं जा सकता :- कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करना बिल्कुल मना है परंतु 11 वि सदी में एक तिब्बती बौद्धों की मिला रेपा ने इस पर चढ़ाई की थी। रसिया की वैज्ञानिको  ये  रिपोर्ट यूएन स्पेशल मैगजीन के 2004 के जनवरी अंक में प्रकाशित हो चुकी हैं। हालाँकि खुद मिला रेपा ने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा इसलिए यह रहस्य आज भी एक गहरा रहस्य बना हुआ है।

दो सरोवरों का अनसुलझा रहस्य :- यहाँ मुख्य तौर पर दो सरोवर मौजूद है। पहला है मानसरोवर जो दुनिया की शुद्ध पानी की उच्चतम झीलों  में से एक है इसका आकार सूर्य के समान है और दूसरा राक्षस नामक झील जो दुनिया की खारे पानी की उच्चतम झीलों  में से एक है और जिसका आकार चंद्र के समान है। यह दोनों झीले सूर्य और चंद्रबल को प्रदर्शित करती है जिसका सीधा संबंध सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा से हैं। जब हम दक्षिण से देखते हैं तो एक स्वस्तिक चिन्ह वास्तव में देखा जा सकता है हालांकि यह अभी तक रहस्य है कि प्राकृतिक तौर पर निर्मित हुई थी झीलों को किसी ने बनाया था।

 सभी नदियों का उद्गम यहीं से होता है :- कैलाश पर्वत की चार दिशाओं से चार नदी ब्रह्मपुत्र सिंधु सतलज और गर्नालिका नदी का उद्गम हुआ है ये बाद में गंगा सरस्वती सहितअन्य नदियां भी निकली है। कैलाश पर्वत की चारों दिशाओं में कई जानवरों के मुख बने हुए हैं जिसमें से नदियों का उद्गम होता है पूर्व में अश्व मुख है पश्चिम में हाथी का मुख है उत्तर में सिंह का मुख और दक्षिण में मोर का मुख है। 

 कैलाश पर्वत पर केवल महान और पुण्य आत्मा निवास कर सकती हैं :- कैलाश पर्वत और उसके आसपास के वातावरण पर अध्ययन कर चुके रसिया के वैज्ञानिकों ने मंदिरों में धर्म गुरुओं से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि कैलाश पर्वत के चारों ओर एक आलोकिक शक्ति का परवाह है जिसमें तपस्वी आज भी आध्यात्मिक गुरुओं के साथ टेलीपैथिक संपर्क करते हैं।

येति  मानव का रहस्य :-हिमालय वासियों का कहना है कि हिमालय पर येति मानव रहता है कोई इसे भूरा भालू कहता है तो कोई जंगली मानव तो कोई हिम मानव। यहाँ ये धारणा भी प्रचलित है कि ये हिम मानव लोगों को जिंदा मारकर खा जाता है। विश्व भर में करीब 30 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने खुलेआम दावा किया है कि हिमालय के बर्फीले इलाकों में आज भी हिम मानव मौजूद है इसके सबूत अभी हाल फिलहाल भारतीय सेना को भी मिले थे।

डमरु और ॐ की आवाज आना :- यदि आप कैलाश पर्वत मानसरोवर झील के क्षेत्र में जाएंगे तो आपको निरंतर एक आवाज सुनाई देगी जैसे कि कही आसपास में एरोप्लेन उड़ रहा हो लेकिन ध्यान से सुनने पर यह आवाज डमरु या ओम की ध्वनि जैसी सुनाई देती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि हो सकता है कि यह आवाजे बर्फ के पिघलने की  हो या यह भी हो सकता है कि प्रकाश और ध्वनि के बीच किसी तरह का समागम हो रहा हो जिसकी वजह से यहां ॐ की आवाज सुनाई देती है।

आसमान में रंगीन लाइटों का चमकना :- दावा किया जाता है कि कई बार कैलाश पर्वत पर सात तरह की लाइटे आसमान में चमकती हुई देखी गई है। हालांकि नासा के वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि हो सकता है कि ऐसा यहाँ के चुंबकीय बल के कारण होता हो। यहां का चुंबकिये बलआसमान से मिलकर कई बार इस तरह की चीजों का निर्माण कर सकता है।

तो  दोस्तों ये थे कैलाश पर्वत जिसे महादेव का निवास स्थान कहा जाता है उससे सम्बंधित कुछ रहस्य।

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