धर्म

जानिए  क्या हुआ जब अपनी नन्द से परेशान होकर देवी पार्वती ने लिया भगवान का सहारा।

Janprahar Desk
7 July 2020 8:59 PM GMT
जानिए  क्या हुआ जब अपनी नन्द से परेशान होकर देवी पार्वती ने लिया भगवान का सहारा।
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  दोस्तों आज मैं आपको बताने वाली हु  कि भगवान शिव की बहन कौन थी दोस्तों आज मैं  आपको बताउंगी शिव पुराण से जुड़ी एक ऐसी कथा जिसे जानकर आप हैरान रहे जायेंगे।

वो  कथा है भगवान शिव की बहन की कथा भगवान शिव की पत्नी और बच्चों के बारे में तो आप सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको यह पता है कि भगवान शिव की एक बहन भी है एक पौराणिक कथा के अनुसार जब माता पार्वती ने भगवान शिव से विवहा किया तो उसके बाद वह खुद को घर में अकेला महसूस करती थी और उनकी इच्छा थी कि काश उनकी भी एक ननद होती जिससे उनका मन लगा रहता। लेकिन भगवान शिव जी तो अजन्मे  थे भगवान शिव तो अंतर्यामी है उन्होंने देवी पार्वती के मन की बात जान ली उन्होंने पार्वती से पूछा कि कोई समस्या है देवी तब देवी पार्वती ने कहा कि काश उनकी भी कोई नन्द होती  भगवान शिव ने कहा मैं तुम्हें तो ननंद लाकर दे दो लेकिन क्या ननद की आपके साथ बनेगी।

पार्वती जी ने कहा भगवान शिव से कहा भला मेरी नंद से मेरी क्यों नहीं बनेगी भगवान शिव ने कहा ठीक है देवी  मैं तुम्हें एक नंद ला कर दे देता हूं।

भगवान शिव ने अपनी माया से एक देवी उत्पन्न कर दी भगवान शिव ने यह कहा यह लो तुम्हारी ननंद आ गई इसका नाम असावरी देवी है देवी  पार्वती अपनी ननद को देख कर बड़ी खुशी असावरी देवी स्नान करके आई और भोजन मांगने लगी देवी पार्वती ने भोजन परोस दिया। जब असावरी देवी ने खाना शुरू किया तो पार्वती के भंडार में जो कुछ भी था वह सब खा गई और महादेव के लिए भी कुछ नहीं बचा इस बात से पार्वती दुखी हो गई। इसके बाद जब देवी पार्वती देवी ने अपनी नंद को पहनने के लिए नए वस्त्र दिए तो मोंटी असावरी देवी के लिए वो वस्त्र छोटे पड़ गए पार्वती उनके लिए दूसरे वस्त्र का इंतजाम करने लगी। इस बीच असावरी देवी को अचानक मजाक सूझा और उन्होंने अपने पैरों की दरार में अपनी भाभी यानी पार्वती जी को छुपा लिया पार्वती जी का दम घुटने लगा। महादेव ने जब असावरी देवी से पार्वती के बारे में पूछा तो आसावरी देवी ने झूठ बोला जब शिव जी ने कहा कही ये तुम्हारी बदमाशी तो नहीं है तो आसावरी देवी हंसने लगी और जमीन पर पैर पटक दिया इससे पैर की दरारों में दबी देवी पार्वती बाहर आ गई।

उधर ननंद के व्यवहार से देवी पार्वती का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया देवी पार्वती ने भगवान शिव से कहा कृपा करके ननंद को जल्दी ससुराल भेजने की कृपा करें मुझसे बहुत बड़ी भूल हुई और मैंने ननद चाह करी इस पर भगवान शिव ने  असावरी देवी को कैलाश से विदा कर दिया।

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