धर्म

इस  मंदिर में प्रसाद में दिए जाते है गहने और जेवरात।

Janprahar Desk
9 July 2020 10:32 PM GMT
इस  मंदिर में प्रसाद में दिए जाते है गहने और जेवरात।
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नोटों की एक गड्डी लाओ और दो ले जाओ 2000 के नोटों से बना है मंदिर का बंदनवार श्रद्धालुओं को प्रसाद में मिलेगा पैसा और सोने के जेवर पैसों के बिना जीवन गुजरना आज के समय में दुश्वार हो चुका है इसलिए हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जहां पर साल में 1 दिन प्रसाद में रुपए और सोने के जेवर मिलते हैं तो चलिए बताते हैं कि कहां है यह मंदिर और कब मिलता है इस मंदिर  से इतना अनमोल प्रसाद।

 मध्यप्रदेश के रतलाम में स्थित यह मंदिर महालक्ष्मी के नाम  से प्रसिद्ध है तो मंदिर की ये पूरा मंदिर नोटों से भरा हुआ रहता है  नोटों की लड़ियां बनाकर मंदिर को सजाया जाता है  करोडो के नोटों से मंदिर का बंदनवार बना है आपको बता दें कि दीपोत्स्व से पहले  मंदिर ऐसी ही आभूषण और नोटों से सजता है भाई दूज से भक्तों की भीड़ उन्हें वापस मिलती है।

ऐसा माना जाता है कि यहां पर दिवाली के 4 दिन पहले से भक्त  पैसा जमा करना शुरू करते हैं और पैसा जमा करने पर उन्हें टोकन मिलता है उसके बाद ये भक्त भाई दूज पर टोकन देकर अपना पैसा और जेवरात ले जाते हैं। गौरतलब है कि यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से कैमरा लगा है और पुलिसकर्मी भी हमेशा मौजूद रहते है।

लोग मानते हैं कि महालक्ष्मी के चरणों में पैसा जेवर रखने से उनके घर कारोबार में बरकत होगी मंदिर के पुजारी के मुताबिक यहां एक रूपय से लेकर 1000 तक हीरा सोना चांदी सब ऐसे ही रख लिया जाता है। माता के चरणों में पैसे रखने दूर-दूर से भक्त आते है। कितना पैसा है यह कोई नहीं जानता कई बार तो इतने पैसे जमा हो जाते हैं कि मंदिर में इसे रखने की जगह नहीं बचती।

दिवाली के अवसर पर इस मंदिर में धनतेरस से लेकर 5 दिन तक दीपोत्स्व का आयोजन किया जाता है इस दौरान मंदिर को फूलों से नहीं बल्कि भक्तों द्वारा चढ़ाई गई पैसे और गहनों से सजाया जाता है और उस दौरान मंदिर में कुबेर का दरबार लगता है इस दौरान यहां आने वाले भक्तों को प्रसाद स्वरूप गहने और रुपए पैसे दिए जाते हैं दीपावली की खास मौके पर मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहते हैं कहा जाता है कि धनतेरस पर महिला भक्तों को यह कुबेर की पोटली दी जाती है यहां आने वाली किसी भी भक्तों को खाली हाथ नहीं लौटाया जाता है  उन्हें कुछ न कुछ प्रसाद स्वरूप दिया ही जाता है।  आपको बता दें कि मंदिर में गहनों और रुपए को चढ़ाने की परंपरा दशकों से चली आ रही है पहले यहां के राजा  राज्य की समृद्धि के लिए मंदिर में धन आदि चढ़ाते थे और अब भक्त भी यहां जी भर पैसे वगैरह माता के चरणों में चढ़ाने लगी है मान्यता है कि ऐसा करने से उनके घरों में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।

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