धर्म

रावण के अत्याचारों से उसकी बहन सूर्पणखा  भी नहीं बची।

Janprahar Desk
7 July 2020 8:57 PM GMT
रावण के अत्याचारों से उसकी बहन सूर्पणखा  भी नहीं बची।
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दोस्तों रामयण हिन्दू धर्म का बहुत ही पवित्र ग्रंथ माना जाता है और ये तो आप सभी जानते होंगे की रामायण में सभी पात्रो की बहुत ही अहम भूमिका थी। अगर एक भी पात्र रामायण में नहीं होता तो शायद ये रामायण पूरी नहीं मानी जाती। 

बैसे तो हम सब जानते है की अगर कभी भी कोई भी घटना होती है तो उसमे भगवान् की ही लीला होती है लेकिन भगवान  कब और कैसे किस दुष्ट का विनाश करने के लिए अपनी लीला रचते है इसके विषय में कोई नहीं जानता।

दोस्तों ये तो आप  जानते ही है की रामायण का जितना बड़ा खलनायक रावण था उससे भी ज्यादा अगर पूरी रामायण को रचने में किसी का हाथ था तो वो थी रावण की बहन सूर्पणखा। वैसे तो हम ये ही जानते है की श्री राम से रावण ने अपनी बहन का बदला लेने के लिए ही सीता माता का अपहरण किया था।  लेकिन क्या आप जानते है की रावण के एक कुकर्म के कारण ही सूर्पणखा ने रावण को सीता का अपहरण कर रावण को अपनी ही मौत को बुलावा देने के लिए विवश किया था।

तो आइये चलिए जानते है आखिर क्यों सुपनखा ने दिया था अपने भाई रावण को श्राप  और क्या था वो श्राप जिसके कारण हुआ रावण के कुल का सर्वनाश।

रामायण में रावण को खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया गया उसने अपने पराक्रम के बल पर देवी देवताओं ग्रहो और स्वर्ग पर भी अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। लेकिन हम सभी के मन में यह प्रश्न भी उठता है कि यदि रावण इतना शक्तिशाली था तो आखिर वह मरा क्यों?

रावण का वध करने में भगवान श्री राम की शक्ति तो थी ही लेकिन एक और घटना थी जो रावण के विनाश का कारण बनी वह था सूर्पणखा द्वारा दिया गया श्राप आइए जानते हैं पूरी घटना के बारे में।

पश्चिम के राजा कल्कि का सेनापति विदुजीब था अपने साम्राज्य के विस्तार करने हेतु रावण ने काल्कि के  साम्राज्य पर धावा बोल दिया था इसके बाद रावण ने काल्कि  और विद्युजिब दोनों का वध कर दिया। लेकिन लंकापति रावण को यह बात नहीं पता था कि उसकी बहन सूर्पणखा काल्कि के सेनापति विद्युजिब से प्रेम करती थी। जबकि कई पौराणिक कहानियों में ऐसा माना जाता है कि रावण यह बात जानता था की उसकी बहन को विद्युजिव से प्रेम है इसी कारण उसने विधुजीव को मार दिया था। सूर्पणखा को जब ये दुखद समाचार मिला तो वो जोर जोर से रोने लगी और क्रोध के आवेग में आकर उसने अपने भाई लंकापति रावण को श्राप दिया कि मेरे कारण ही तुम्हारा और तुम्हारे समस्त कुल का नाश होगा और जैसा कि हम सभी को मालूम है कि माता सीता के हरण में सूर्पणखा की बड़ी भूमिका थी यदि सूर्पणखा भगवान् राम के पास नहीं जाती और माता सीता को हानि पहुंचने की बात नहीं करती तो कभी भी रावण न तो सीता का हरण करता और नहीं राम के हाथो मारा जाता।

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