धर्म

पूजा के समय भूल से भी न करे ये गलती।

Janprahar Desk
9 July 2020 10:26 PM GMT
पूजा के समय भूल से भी न करे ये गलती।
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दोस्तों हमारे हिंदू धर्म में हर घर में रोज सुबह और शाम इन दोनों समय पूजा होती है वैसे तो भगवान की पूजा किसी भी समय की जा सकती है परंतु सुबह का समय सर्व श्रेष्ट बताया गया है क्योंकि सुबह की पूजा से हमारे मन को इतना बल मिलता है कि हम दिन भर के सारे तनाव को आसानी से सहन कर जाते हैं।

साथ ही सुबह ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा विशेष फलदाई भी मानी जाती है जिन्हें नहीं पता उन्हें हम बता दें सुबह 4:00 से 7:00 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त का होता है इसे शांत वातावरण कहा जाता है क्योंकि इस समय दैवीय शक्तिया वातावरण में होती है इसलिए माना जाता है कि इस समय पूजा करने से शीघ्र मनोकामना पूर्ण होती है।

 परंतु दोस्तों सुबह की पूजा में आपको कुछ विशेष सावधानी बरतनी  भी आवश्यक है क्योंकि अक्सर पूजा के दौरान हमसे कुछ ऐसी गलतियां भी हो जाती है जिसके कारण हमें फल नहीं मिल पाता है यानी पूजा का संपूर्ण फल नहीं मिल पाता इसलिए आज हम आपको कुछ खास बातें बताने वाले हैं जो अक्सर आप पूजा के समय ध्यान नहीं देते और फिर दोष लगने के कारण ढेर सारी परेशानियों में फंस जाते हैं।

दोस्तों  भूल कर भी आप जब घर में दिया अगरबत्ती जलाते हैं तो यह काम आपको नहीं करना चाहिए सबसे पहली बात  बिना स्नान के  पूजा पाठ कभी भी नहीं करना चाहिए यह तो सभी जानते हैं परंतु कभी-कभी स्थिति ऐसी हो जाती है कि हम नहा नहीं पाते कारण कुछ भी हो सकता है जैसे  व्यक्ति बीमार होना या कोई अन्य स्थिति स्थिति। परन्तु उस स्थिति में जब आप पूजा करने बैठे तो मुँह हाथ धोने के बाद आप अपने ऊपर गंगा जल आवश्य छिड़क ले क्योंकि गंगा जल सारी अपवित्रता को नष्ट कर देता है। अब आप दिया अगरबत्ती मंदिर में जला  सकते हैं।

दोस्तों इस समय यह बात ध्यान जरूर रखें कि हमें हमारे घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हमें प्रधान दीपक अवश्य ही जलाना चाहिए कई लोग ऐसा करते हैं कि वह सीधा ही धूप अगरबत्ती जलाकर सीधे भगवान को दिखाने लगते हैं लेकिन  लेकिन उस पूजा का कोई भी साक्षी नहीं होता इसलिए वह पूजा भगवान तक नहीं पहुंचती तो दोस्तों आपको सबसे पहले अपने घर के पूजा स्थल में प्रधान दीपक जलाना है वह भी घी का या फिर आप तिल के तेल का जला सकते हैं आपको बता दें कि कभी सरसों के तेल का दीपक प्रातः काल में नहीं जलाना चाहिए क्योंकि सरसों शनि  का प्रतीक माना जाता है और इसे तमस्य से भी सम्बंधित माना जाता है शाम के समय ही सरसों के तेल का प्रयोग दीपक प्रज्ज्वलित करने के लिए किया जाना चाहिए या फिर शनि पूजन में ही सुबह के समय आप इसका प्रयोग कर सकते हैं।

दोस्तों घी या  तिल के तेल से दीपक प्रज्वलित करके आप सबसे पहले भगवान को गंगाजल छिड़क स्नान कराएं फिर ही पूजा आदि का कार्य आरंभ करें दोस्तों इसके बाद ही आप धूप या  अगरबत्ती भगवान को दिखा सकते हैं दोस्तों पूजा के बाद अपने पूरे घर में अगरबत्ती का जवाब जरूर दिखाएं क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

 सुबह पूजा के समय चंदन का टीका अवश्य ही भगवान को लगाए और फिरस्वयं  लगाए माना जाता है कि चंदन का टीका मन को शांत रखता है और दिमाग को तेज करता है इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है यानी हर समय आप सही निर्णय लेते हैं।

 मंदिर के नीचे या सामने स्वास्तिक का निशान जरूर बनाये अगर रोज आप ये निशान बनाते हैं तो इससे घर पर सकारात्मक माहौल बना रहता है। पूजा के  बाद सुबह प्रसाद जरूर बांटे प्रसाद किसी भी चीज़ का हो सकता है।प्रसाद  को अगर घर परिवार में मिल बांट कर खा जाए तो ऐसे घर में कभी लड़ाई नहीं होती ऐसा परिवार हमेशा सुख और खुशी से जीवन व्यतीत करता है। घर में मंदिर को ऐसी जगह स्थापित किया जाना चाहिए जहां ताजी हवा और सूरज की रोशनी पहुंचती हो जिन घरों में सूर्य की किरणों का प्रवेश होता है उन घरों में दोष तो वैसे ही समाप्त हो जाता है।

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