धर्म

ये एक व्रत रखने से दूर हो सकते है आपके सारे कष्ट।

Janprahar Desk
28 Jun 2020 8:14 PM GMT
ये एक व्रत रखने से दूर हो सकते है आपके सारे कष्ट।
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दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की सावन एक ऐसा महीना होता है जिसे भगवन शिव का माह कहा जाता है और कहा जाता है की भगवान् शिव को भी ये महीना बहुत ज्यादा पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानते है की सावन के सोमवार को जो व्रत रखा जाता है उसके पीछे क्या कारन है ?

दोस्तों आज अपने इस आर्टिकल की मदद से मैं आपको सावन के व्रत रखने के पीछे के धार्मिक महत्व के साथ साथ वैज्ञानिक महत्व भी बताउंगी।

सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है वह भगवान शिव को समर्पित होता है।  भगवान शिव ज्ञान के अलौकिक गुरु है और ब्रह्मांड की सभी बुराइयों के नाश करता है सोमवार के दिन यदि हम भगवान शिव की उपासना करते हैं तो वह भी प्रसन्न होकर हमें मनोवांछित वरदान देते हैं।

नए घर में प्रवेश करने एवं विवाह संबंधी प्रबंध के लिए तथा खेल से संबंधित कामों के लिए इस दिन को सबसे उपयोग दिन माना जाता है।

सोमवार का व्रत या उपासना को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त होने तक रखा जाता है भक्त इस दिन माता पार्वती एवं भगवान शिव की पूजा करना पसंद करते हैं। सावन के महीने में सोमवार व्रत रखना शुभ माना जाता है ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति की समस्त इच्छाएं पूर्ण होती है एवं सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है।  यह व्रत अविवाहित महिलाओं के लिए आदर्श पति प्राप्त करने के लिए बहुत प्रसिद्ध है।

इससे जुड़ी कई कहानियां प्रसिद्ध है उनमें से पहली कहानी कहती है कि एक गरीब ब्राह्मण ने सोमवार को व्रत रखा और उसने अपने इस व्रत से भगवान् शिव को प्रसन्न कर दिया जिससे उसे असीम धन की प्राप्ति हुई।

दूसरी कहानी एक धनवान साहूकार के विषय में है जब उन्हें लंबे समय तक पुत्र प्राप्ति नहीं हुई थी तब उन्होंने सोमवार का व्रत रखा और व्रत के प्रभाव से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। इसमें यह भी कहा जाता है कि भगवान शिव एवं माता पार्वती के कृपा से एक मर्त  पुत्र को  जीवनदान मिला था। इस प्रकार सोमवार व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा हम सब पर बनी रहती है।

जैसा कि आप सब जानते हैं कि वैज्ञानिक तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि सनातन धर्म से जुड़े हुए जितने भी धर्म अनुष्ठान है उनका कोई ना कोई वैज्ञानिक तथ्य जरूर होता है। तो सावन के   सोमवार के व्रत होते हैं। उसका भी कुछ वैज्ञानिक तथ्य अवश्य है तो आइये जानते हैं कि आखिर सावन के सोमवार के व्रत रखने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य क्या है ?

आयुर्वेद से जुड़े हुए जो देशी नुस्खे हैं जिन्हें जनमानस की भाषा में समझाया जाता है सावन के महीने में साग निषेध रहता है और सावन के सोमवार के व्रत को भी इसीलिए रखा गया था कि धार्मिक रूप से लोग इससे जुड़े रहेंगे व्रत रखेंगे कम खाना खाएंगे साथ ही साग से दूर रहेंगे। जो है उसका एक महत्व और भी है कि ये समय संक्रमण काल होता है इस वक्त जो है वायरल इन्फेक्शन सबसे ज्यादा होती है इसके साथ हमारा वातावरण भी तरह तरह के कीड़े मकोड़े और इंसेक्ट्स से भरा हुआ है तो इस समय बाहर के भोजन से दूर ही रहना चाहिए।

इसके साथ ही ये व्रत आपको एक स्वस्थ सुंदर शरीर देने का मार्ग प्रशस्त करते हैं

तो अब आप समझ गए होंगे कि यह सारी चीजें जो धार्मिक नियम कायदे कानून जो हमारे लिए बनाए जाते हैं और जिनके ऊपर बहुत सारे लोग टीका टिप्पणी करते हैं आज के आधुनिक दौर में खासकर युवा जो इसका बैकग्राउंड क्या है पूछते है तो  यह बैकग्राउंड है सावन के सोमवार का। इसके आध्यात्मिक महत्व तो अनंत है। साथ ही इसका महत्व वो ही जान सकते है जो भगवान शिव की शक्तियों में विश्वास रखते है।

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