धर्म

आखिर वृन्दावन में स्थित बांके बिहारी जी के मंदिर में मंगला आरती क्यों नहीं होती ?

Janprahar Desk
25 Jun 2020 10:17 PM GMT
आखिर वृन्दावन में स्थित बांके बिहारी जी के मंदिर में मंगला आरती क्यों नहीं होती ?
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आरती हिंदू उपासना की एक पद्धति  है इसमें जलती हुई लो  या इसके समान कुछ खास वस्तुओं से अपने आराध्य  के सामने एक विशेष विधि से घुमाई जाती है। वैसे तो मंगला आरती हर मंदिर में हर रोज होती है लेकिन वृंदावन में स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के मंदिर में केवल श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही मंगला आरती होती है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर जी के बाल रूप के दर्शन करने को हज़ारो लोगों का जनसैलाब मंदिर प्रांगण में उमड़ पड़ता है।

आज मैं आपको अपने इस आर्टिकल की मदद से बताऊंगी की यहां मंगला आरती की परंपरा क्यों नहीं है ?तो आइए चलिए जानते हैं। श्री बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी अपने बाल स्वरूप में है शुरुआती दौर में ठाकुर जी की मंगला आरती की जाती थी।  एक कथा के अनुसार हरिदास जी मंदिर से थोड़ी दूरी पर ही अपनी कुटिया में रहा करते थे एक दिन वह प्रातः काल स्नान करके अपनी कुटिया में लौटे।  तो उन्होंने देखा कि उनके बिस्तर पर कोई सोया हुआ है उनकी दृष्टि कमजोर हो चुकी थी इसीलिए वह ठीक से देख नहीं पाए उनके आते ही वह सोया हुआ व्यक्ति वहां से उठ कर भाग गया हरिदास जी कुछ समझ ही नहीं पाए।

इतने में मंदिर से एक पुजारी भागता हुआ वहां आया और बोला स्वामी जी बिहारी जी के हाथों की वंशी और चूड़ा उनके पास नहीं है स्वामी जी ने बोला अभी मेरे बिस्तर पर कोई सोया हुआ था मेरे आने से वह भाग गया और जाते हुए उसका  कुछ सामान रह गया था पुजारी जी ने पास जाकर देखा तो वह बिहारी जी का चूड़ा और वंशी ही थी जिससे कि प्रमाणित हुआ कि बिहारी जी नित्य वहां रासलीला के बाद विश्राम करने आते हैं। तब पुजारी जी को इस चमत्कार का पता चला कि सुबह जल्द मंगला आरती के कारण ठाकुर जी को निधिवनरास मंदिर से बांके बिहारी मंदिर आने की जल्दी होती है। यही कारण है कि जल्दी के चक्कर में उनका चूड़ा और वंशी वहीं रह गई।

तभी से यह निर्णय किया गया कि ठाकुर जी बांके बिहारी मंदिर में बाल्यावस्था में है मंगला आरती से उनकी नींद में विघ्न पड़ता है और ऐसा ना हो इसी कारण से यहां प्रातः मंगला आरती नहीं की जाती है बस एक दिन जब श्री कृष्ण का जन्म होता है यानी कि कृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर जी का रात में पूरे विधि विधान से महा अभिषेक करने के बाद ही मंगला आरती होती है। तो दोस्तों आशा करती हु की इस आर्टिकल की मदद से आप समझ गए होंगे की आखिर क्यों हर मंदिर में मंगला आरती होती है लेकिन क्यों बांके बिहारी के मंदिर में मंगला आरती नहीं होती है।

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