धर्म

आखिर क्या है इस मंदिर की शिवलिंग का रहस्य ?

Janprahar Desk
9 July 2020 8:02 AM GMT
आखिर क्या है इस मंदिर की शिवलिंग का रहस्य ?
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नेपाल में काठमांडू के ह्रदय में स्थित विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर हिंदुओं का सबसे बड़ा शिव मंदिर है। लेकिन यह 12 ज्योर्तिलिंग में से एक नहीं है।

आखिर फिर भी ये किस लिए इतना प्रसिद्ध क्यों है ?

हमारे देश भारत में कुल मिलाकर 12 ज्योतिर्लिंग है लेकिन 12 ज्योतिर्लिंग भारत में ही है पशुपतिनाथ मंदिर इतना ज्यादा विख्यात  और पौराणिक इसीलिए है और इतना फेमस इसीलिए है क्योंकि उसके पीछे एक खास पौराणिक कथा है तो चलिए दोस्तों जानते इस खास पौराणिक कथा के बारे में और साथ ही इसके पीछे छुपे खास रहस्य जानते है।

सदियों पहले काठमांडू अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए बेमिसाल था और उसी के लिए विख्यात भी था ऐसे सुरमे तपोभूमि के प्रति आकर्षित होकर भगवान शिव भी कैलाश पर्वत छोड़कर यहीं आकर बस गए और यहां तीन सींगो  वाला मृग  बनकर इधर-उधर टहलने लगे उधर भगवान शिव को गायब देख ब्रह्मा जी और विष्णु जी को चिंता होने लगी और दोनों देवता शिव जी की खोज में निकल पड़े वही ब्रह्मा जी ने अपनी योग विद्या से जल्द ही तीन-सींगो वाले मृग यानी कि भगवान शिव जी को पहचान लिया। उन्होंने उछल मृग के सींग  पकड़ने की कोशिश की सींग  के तीन टुकड़े हो गए सिंह का एक हिस्सा यही गिरा था।

यह स्थान पशुपति के नाम से विख्यात हो गया देवताओं ने शिव से कैलाश पर्वत पर लौटने का अनुरोध किया लेकिन उन्होंने वहीं रहने का फैसला किया शिवजी की इच्छा अनुसार भगवान शिव ने बागमती के ऊपर ऊंचे टीले पर शिव को पशु योनि से मुक्ति दिला कर लिंग के रूप में स्थापित किया। पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के ऊपर स्वर्ण कलश युक्त खाए हैं 4 सीढ़ियां उतरकर प्रांगण आता है और प्रांगण के  बीच में मुख्य मंदिर की कुम्बाद  ध्वज और छोटी बड़ी अनेक मूर्तियां सुशोभित हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पशुपति नाथ का जो शिवलिंग है वह पंचमुखी शिवलिंग है जो कि बहुत ही असामान्य सी बात है यह मंदिर अपने आप में दिव्य और चमत्कारी भी है और दोस्तों ऐसा भी यहां की मान्यता है कि जो भी भक्त यहां आकर जो भी मुराद मांगता है वह मुराद अवश्य पूरी होती है।

तो दोस्तों ये था पशुपति नाथ मंदिर के पीछे का रहस्य की आखिर 12 ज्योतिर्लिंगों में ना होते हुए भी ये मंदिर इतना प्रसिद्ध और इतना विख्यात क्यों है ?तो दोस्तों अब तो इस मंदिर की महिमा के बारे में आप भी जान गए होंगे और साथ ही ये भी जान गए होंगे की कैसे भगवान् शिव स्वयं आकर बसे थे इस जगह।

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