राजनीती

खडसे के सामने अब शिवसेना की कसोटी बीजेपी के सामने एनसीपी, शिवसेना का चॅलेंज!

Janprahar Desk
30 Oct 2020 1:31 PM GMT
खडसे के सामने अब शिवसेना की कसोटी बीजेपी के सामने एनसीपी, शिवसेना का चॅलेंज!
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महाराष्ट्र की राजनीती में आजकल एनसीपी और शिवसेना में चल रहे अंदरुनी तनातनी राजकीय विश्लेषको के लिये अभ्यास का विषय बन रही है,जबकि खडसे का बीजेपी से बाहर निकलना ऊस पार्टी के लिये चिंता एवं चिंतन का विषय बना हुआ है।
 

अब आनेवाले दिनो में जिस जिले से खडसे नेतृत्व करते है और जिस मतदारसंघ में उनका प्रभाव है ऊस जलगांव जिलेमे एनसीपी का शिवसेना और बीजेपी के सामने बडा चॅलेंज है।

उल्लेखनीय बात ये है की गत विधानसभा चुनाव इस क्षेत्र की 11 जगह पर शिवसेना -बीजेपी ने साथ में लढे थे और शिवसेना ने पाँचो जगह (1अपक्ष समर्थीत)विजय प्राप्त की जबकी एकनाथ खडसे की बेटी रोहिणी खडसे-खेवलकर को हार का सामना करना पडा और बीजेपी ने एक-एक जगह काँग्रेस,एनसीपी से हार मानी।

अब शिवसेना के आक्रमक माने जानेवाले गुलाबराव पाटील कॅबिनेट मिनिस्टर है।उनकी एकनाथ खडसे से बनती नहीं।इसलीये मुकाबला बडा रोचक है।बीजेपी अपना अस्तित्व कायम रखने हेतू बाजी लगाएंगे और उन्हे खडसे-पाटील का सामना करना पडेगा।

शिवसेना के सामने खडसे का चॅलेंज भी कम नहीं।क्यू की एनसीपी का प्रभाव इस क्षेत्र में अमलनेर,पारोला,मुक्ताईनगर,रावेर विधानसभा क्षेत्र में अधिक है। आजकल गुलाबराव पाटील की उनकी ही पार्टी के विधायक से बनती नहीं ऐसा चित्र है और इसका लाभ जादातर खडसे ले सकते है।ऐसा हुआ तो बीजेपी के लिये ये बहुत बडा चॅलेंज है।

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