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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई मांग : कहां राहुल गांधी को पार्टी की कमान फिर से सौंप देनी चाहिए

Janprahar Desk
23 Jun 2020 9:56 PM GMT
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई मांग : कहां राहुल गांधी को पार्टी की कमान फिर से सौंप देनी चाहिए
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कांग्रेस पार्टी की सीडब्ल्यूसी बैठक मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई मांग : कहां राहुल गांधी को पार्टी की कमान फिर से सौंप देनी चाहिए

मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक संपन्न हुई ।उस कमेटी में राजस्थान के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कांग्रेस पार्टी को एक सुझाव दिया और सभी के सामने एक मांग रखी कि राहुल गांधी को पार्टी की कमान फिर से सौंप देनी चाहिए।
राहुल गांधी सोनिया गांधी के पुत्र हैं ,और 2017 में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने थे।

लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद उन्होंने इस पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया था । उनके इस्तीफे के बाद सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष है। गहलोत जी के इस सुझाव का यूथ कांग्रेस ने भी पूर्ण समर्थन किया। साथ में गहलोत का पार्टी के लिए एक बड़ा सुझाव यह भी था कि कांग्रेस पार्टी को एक वर्चुअल मीटिंग बुलानी चाहिए और राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष फिर से बनाया जाना चाहिए। इस बारे में चर्चा होनी चाहिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस मीटिंग में भारत-चीन विवाद को लेकर लद्दाख की गलवान घाटी में शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाई गई योजनाओं एवं कार्यों में विफलता की गिनती भी करवाई। इसी दौरान पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक में भाग ले चुके पूर्व रक्षा मंत्री ए.के . एंटनी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के द्वारा CWC को सीमा की स्थिति की जानकारी देने के बाद, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने होशो हवास में कहा कि चीन ने हमारे क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।

पीएम मोदी ने चीन की स्थिति को स्वीकार कर हमारी स्थिति को नष्ट कर दिया है। और साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम ने यह कहकर धोखा दिया है कि उन्होंने कोई भारतीय भूमि पर कब्जा नहीं किया। चीन को हमारी भूमि के इस अस्वीकार्य उपयोग से दूर होने की अनुमति नहीं दी जा सकती । चीन की सीमा(जलावन घाटी) पर हुए हड़प मे भारतीय शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा । चीन ने जो घिनौना काम किया है, इसका एक कारण प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की पूर्ण विफलता है ।भारत के विदेशों से संबंध ठीक नहीं है।

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