राजनीती

एनसीसी कैडेट और अच्छी वक्ता बचपन से- सुषमा स्वराज

Janprahar Desk
6 Aug 2020 12:06 PM GMT
एनसीसी कैडेट और अच्छी वक्ता बचपन से- सुषमा स्वराज
x
सुषमा स्वराज जी की पुण्यतिथि पर उन्हे नमन आज ही के दिन 2019 में सुषमा जी ने एम्स में अपनी अंतिम सांसें ली थी और हम सबको हमेसा हमेसा के लिए छोड़ कर चली गयी। सुषमा जी तो चली गयी परंतु उनकी यादें अमिट है जो भुलाए नहीं भुलाई जा सकती है उन्होने हमारे देश के लिए जो भूमिका निभाई है शायद ही किसी महिला राजनीतिज्ञ ने ऐसी भूमिका निभाई होगी

सुषमा स्वराज जी की पुण्यतिथि पर उन्हे नमन आज ही के दिन 2019 में सुषमा जी ने एम्स में अपनी अंतिम सांसें ली थी और हम सबको हमेसा हमेसा के लिए छोड़ कर चली गयी। सुषमा जी तो चली गयी परंतु उनकी यादें अमिट है जो भुलाए नहीं भुलाई जा सकती है उन्होने हमारे देश के लिए जो भूमिका निभाई है शायद ही किसी महिला राजनीतिज्ञ ने ऐसी भूमिका निभाई होगी, सुषमा जी सभी महिलाओं और देश के नागरिकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। 

सुषमा स्वराज- एक आदर्श महिला 

सुषमा स्वराज जी का जन्म 14 फ़रवरी 1952 में हुआ, इनके पिताजी हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख सदस्य रहे थे। सुषमा जी ने अपनी कॉलेज की शिक्षा संस्कृत और राजनीति विज्ञान में किया,कॉलेज में उन्हे सर्वश्रेष्ठ छात्रा के रूप से भी सम्मानित किया गया था, वे तीन साल तक एनसीसी में सबसे उम्दा कैडेट के रूप में थी। सुषमा जी ऐसे ही अपने भाषण से सबको चुप नहीं करा देती थी यह कला उन्होने अपने कॉलेज के दिनों में ही सीख ली थी, कॉलेज में उन्हे तीन साल तक राज्य की सर्वश्रेष्ठ हिन्दी वक्ता का भी सम्मान प्राप्त हुआ था, जब आगे की शिक्षा के लिए पंजाब गयी तो वहां भी उन्हे सार्वोच्च वक्ता का सम्मान मिला था। पंजाब से कानून की डिग्री लेने के बाद उन्होने जय प्रकाश नारायण जी के आंदोलन में खूब बढ़ चढ़ कर भाग लिया। सुषमा जी भाजपा की दिल्ली में प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही,इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री, महासचिव, प्रवक्ता,विपक्ष की नेता एवं विदेश मंत्री बनी। 

सुषमा स्वराज के भाषण

सुषमा स्वराज जब संसद में बोलना शुरु करती थी तो विपक्षों की भी बोलती बंद हो जाती थी। उनके भाषण सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी लोगो को प्रेरणा देती थी।

सुषमा स्वराज इंसानियत और प्रेम की मूरत 

सुषमा जी ने अपने जीवन में कई सारे सीख दिये है अब वो इंसानियत के तौर पर हो या प्रेम के। 

  • रक्षा बंधन के दिन उपराष्ट्रपति जी ने सुषमा जी को याद करते हुए ट्वीट किया था की ‘प्यारी बहन सुषमा,आज आपकी बहुत याद आ रही है’ साथ ही राखी बांधते हुए सुषमा जी की फोटो भी साझा की।

  • सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते वक़्त एलके आडवाणी रो पड़े कहा मेरे हर जन्मदिन पर मेरा पसंदीदा केक लाना नहीं भूलती थी। 

सुषमा स्वराज जी के पुण्यतिथि पर आज फिर सबकी आँखें नम हैं।

Next Story