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CAA के खिलाफ सोनिया की बैठक में नहीं शामिल होंगी मायावती और ममता बनर्जी, AAP ने भी किया मना।

Janprahar Desk
13 Jan 2020 10:10 AM GMT
CAA के खिलाफ सोनिया की बैठक में नहीं शामिल होंगी मायावती और ममता बनर्जी, AAP ने भी किया मना।
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नागरिकता कानून (CAA) और NRC के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के चलते वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए विपक्षी दल सोमवार को दोपहर में बैठक करेंगे. विपक्ष पार्टियों इस बैठक के साथ अपनी एकता दिखाना चाहती हैं, लेकिन इसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगी. वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख

नागरिकता कानून (CAA) और NRC के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के चलते वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए विपक्षी दल सोमवार को दोपहर में बैठक करेंगे. विपक्ष पार्टियों इस बैठक के साथ अपनी एकता दिखाना चाहती हैं, लेकिन इसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगी.

वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया. मायावाती ने सोमवार को ट्वीट करते इसकी जानकारी दी. मायावती ने ट्वीट करके कांग्रेस पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि बीएसपी CAA/NRC आदि के विरोध में है. केन्द्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले.

JNU व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण. आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस के नेतृत्व में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है.

मायावाती ने भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत के मामले में निशाना साधा था. मायावती ने कहा था कि ‘अगर कांग्रेस की महिला महासचिव’ कोटा जाकर उन माताओं से नहीं मिलती हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है तो यूपी में पीड़ित परिवारों से उनकी मुलाकात को राजनितक ड्रामा माना जाएगा.

बनर्जी ने कहा कि वामपंथियों और कांग्रेस के दोहरे मानदंड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विधानसभा द्वारा सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद बनर्जी ने कहा, ‘‘मैंने नयी दिल्ली में 13 जनवरी को सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है क्योंकि मैं वाम और कांग्रेस द्वारा कल (बुधवार) पश्चिम बंगाल में की गई हिंसा का समर्थन नहीं करती हूं.

वहीं एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘ वैसे भी बीएसपी CAA/NRC आदि के विरोध में है. केन्द्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले. साथ ही, JNU व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण

सीएए के खिलाफ जब विपक्षी दल राष्ट्रपति के पास गए थे, उस वक्त भी बसपा उनके साथ नहीं थी. हालांकि पार्टी ने बाद में इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भेंट की थी.

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