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MP की कमलनाथ सरकार पर ‘संकट’: 8 विधायकों को होटल में रखा गया, दिग्विजय को मिलने से रोका।

Janprahar Desk
4 March 2020 7:45 AM GMT
MP की कमलनाथ सरकार पर ‘संकट’: 8 विधायकों को होटल में रखा गया, दिग्विजय को मिलने से रोका।
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मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ (Kamalnath) सरकार पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी (BJP) सरकार के कद्दावर मंत्री पर कांग्रेस के चार विधायकों और सरकार का समर्थन कर रहे अन्य 4 निर्दलीय विधायकों को जबरन गुरुग्राम के एक होटल में रखने का आरोप है. मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ (Kamalnath) सरकार पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी (BJP) सरकार के कद्दावर मंत्री पर कांग्रेस के चार विधायकों और सरकार का समर्थन कर रहे अन्य 4 निर्दलीय विधायकों को जबरन गुरुग्राम के एक होटल में रखने का आरोप है. मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत ने एनडीटीवी से बातचीत में आरोप लगाया, “कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री बिसाहुलाल सिंह ने हमें फोन किया और बताया कि हमें (विधायकों) गुरुग्राम के आईटीसी होटल में जबरन रखा गया है और जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. एक विधायक का फोन आने के बाद हमारे दो मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी गुरुग्राम के होटल में आठ विधायकों से मिलने पहुंचे थे लेकिन उन्हें होटल के अंदर जाने नहीं दिया गया.”

भनोत ने कहा, “हरियाणा में बीजेपी की सरकार है इसलिए वहां की पुलिस और मध्य प्रदेश के बीजेपी (BJP) विधायक तथा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हमारे दोनों मंत्रियों को होटल में जबरन रखे गए विधायकों से मिलने नहीं दिया है.” इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी गुरुग्राम स्थित होटल पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. दिग्विजय सिंह के साथ मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्री भी हैं.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए उनकी पार्टी के विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश कर रही है. दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा 25-35 करोड़ रुपये देकर कांग्रेस के विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें, पिछले साल जुलाई में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने राज्य विधानसभा में कमलनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा था, ‘ऊपर से आदेश है. तुम्हारी सरकार नहीं बचेगी.’

24 जुलाई 2019 को भार्गव ने कहा था, ‘हमरे ऊपर वाले नंबर 1 या नंबर 2 का आदेश हुआ तो आपकी सरकार 24 घण्टे भी नहीं चलेगी. हालांकि इसके बाद राज्य विधानसभा में आपराधिक कानून (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2019 पर चर्चा के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में 122 वोट पड़े थे. उस दौरान भाजपा के दो विधायकों ने कांग्रेस सरकार के पक्ष में मतदान किया था.

वर्तमान में मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं. 2 विधायकों का निधन होने से वर्तमान में 228 सदस्य हैं. कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं. सरकार को अन्य 4 निर्दलीय विधायकों, 2 बसपा और 1 सपा विधायक का भी समर्थन मिला हुआ है. मौजूदा समय में बीजेपी के पास 107 विधायक हैं.

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