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अदालत पहुंची कांग्रेस, चुनाव आयोग के द्वारा कमलनाथ का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया

Janprahar Desk
30 Oct 2020 8:35 PM GMT
अदालत पहुंची कांग्रेस, चुनाव आयोग के द्वारा कमलनाथ का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया
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मध्य प्रदेश के अंदर उप चुनावों से पहले ही कांग्रेस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि आदर्श आचार संहिता का है बार-बार उल्लंघन कर रहे थे जिसके चलते चुनाव आयोग द्वारा उन पर कार्यवाही की गई।

नई दिल्ली - मध्य प्रदेश के अंदर उप चुनावों से पहले ही कांग्रेस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि आदर्श आचार संहिता का है बार-बार उल्लंघन कर रहे थे जिसके चलते चुनाव आयोग द्वारा उन पर कार्यवाही की गई। अब ऐसे में कांग्रेस पार्टी अदालत की ओर अपना रुख मोड़ रही है ।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के मध्य प्रदेश यूनिट के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने कहा चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी नेता कमलनाथ को स्टार प्रचारक का दर्जा खत्म कर दिया गया इस फैसले के खिलाफ पार्टी अदालत का रुख करेगी।




आने वाले दिनों में 3 नवंबर को मध्यप्रदेश में 28 सीटों के लिए विधानसभा का उपचुनाव आयोजित होने जा रहा है। लेकिन स्टार प्रचारक रहे कमलनाथ ने बीते दिनों एक महिला के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था जिसके चलते विरोधी ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी।

चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को एक आदेश में कहा गया आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उन्हें जारी की गई सलाह की पूरी तरह से अवहेलना करने को लेकर आयोग मध्यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान उप चुनावों के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के राजनीतिक दल के नेता स्टार प्रचारक का दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त करता है।

बीते दिनों कमलनाथ द्वारा राज्य एक मंत्री इमरती देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। उन्होंने इमरती देवी को “आइटम” तक कह डाला था और कई आलोचनाओं के बाद माफी मांगने से उन्होंने इंकार कर दिया था। कमलनाथ के इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद इमरती देवी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ को पार्टी से हटा दिया जाने तक की गुहार लगाई थी। यही नहीं उन्होंने कई अन्य नेताओं पर भी अपनी टिप्पणी की थी जिसके चलते आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन किए जाने पर ही चुनाव आयोग द्वारा उन पर यह कार्यवाही की थी और आयोग द्वारा सार्वजनिक तौर पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी गई थी है।

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