अदालत पहुंची कांग्रेस, चुनाव आयोग के द्वारा कमलनाथ का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया

नई दिल्ली - मध्य प्रदेश के अंदर उप चुनावों से पहले ही कांग्रेस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट से हटा दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि आदर्श आचार संहिता का है बार-बार उल्लंघन कर रहे थे जिसके चलते चुनाव आयोग द्वारा उन पर कार्यवाही की गई। अब ऐसे में कांग्रेस पार्टी अदालत की ओर अपना रुख मोड़ रही है ।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के मध्य प्रदेश यूनिट के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने कहा चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी नेता कमलनाथ को स्टार प्रचारक का दर्जा खत्म कर दिया गया इस फैसले के खिलाफ पार्टी अदालत का रुख करेगी।
Election Commission of India revokes the star campaigner status of Congress leader Kamal Nath, citing repeated violation of Model Code of Conduct.
— ANI (@ANI) October 30, 2020
Currently, campaigning for the by-election to the state Assembly is underway in Madhya Pradesh. pic.twitter.com/SpX57jhZyo
Congress party to move court against Election Commission's revocation of party leader Kamal Nath's star campaigner status: Narendra Saluja, media coordinator for Madhya Pradesh unit of Congress https://t.co/M0N1tcfoV7
— ANI (@ANI) October 30, 2020
आने वाले दिनों में 3 नवंबर को मध्यप्रदेश में 28 सीटों के लिए विधानसभा का उपचुनाव आयोजित होने जा रहा है। लेकिन स्टार प्रचारक रहे कमलनाथ ने बीते दिनों एक महिला के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था जिसके चलते विरोधी ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी।
चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को एक आदेश में कहा गया आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उन्हें जारी की गई सलाह की पूरी तरह से अवहेलना करने को लेकर आयोग मध्यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान उप चुनावों के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के राजनीतिक दल के नेता स्टार प्रचारक का दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त करता है।
बीते दिनों कमलनाथ द्वारा राज्य एक मंत्री इमरती देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। उन्होंने इमरती देवी को “आइटम” तक कह डाला था और कई आलोचनाओं के बाद माफी मांगने से उन्होंने इंकार कर दिया था। कमलनाथ के इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद इमरती देवी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ को पार्टी से हटा दिया जाने तक की गुहार लगाई थी। यही नहीं उन्होंने कई अन्य नेताओं पर भी अपनी टिप्पणी की थी जिसके चलते आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन किए जाने पर ही चुनाव आयोग द्वारा उन पर यह कार्यवाही की थी और आयोग द्वारा सार्वजनिक तौर पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी गई थी है।