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इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष ने कसी कमर, लॉन्ग मार्च की तैयारी

Janprahar Desk
22 Dec 2020 3:57 PM GMT
इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष ने कसी कमर, लॉन्ग मार्च की तैयारी
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इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष ने कसी कमर, लॉन्ग मार्च की तैयारी
इस्लामाबाद, 22 दिसम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में इमरान खान सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सत्ता में आने से पहले जहां इमरान विपक्ष की भूमिका में बड़े आक्रामक अंदाज से विरोध प्रदर्शन का सहारा लेते थे, वहीं अब उनकी सरकार को एक साथ लामबंद हुए मजबूत विपक्ष के लंबे विरोध से गुजरना पड़ रहा है।

2018 में सत्ता में आई इमरान की सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से अब इमरान के स्टाइल में ही आक्रामक तरीके से विरोध प्रदर्शन को तेज करते हुए हमले की योजना बनाई गई है।

पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम), जो कि कम से कम 11 विपक्षी दलों का एक गठबंधन है, वह पाकिस्तान भर के प्रमुख शहरों में बड़े सार्वजनिक समारोहों का मंचन कर रहा है।

विपक्षी दलों का यह गठबंधन अब इमरान से निपटने के उद्देश्य के साथ सरकार विरोधी एक लंबा मार्च शुरू करने के लिए तैयार है। विपक्ष का आरोप है कि इमरान एक कठपुतली (डमी) प्रधानमंत्री हैं और गठबंधन का अब यही उद्देश्य है कि इमरान प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली करें। इसके लिए विपक्ष ने कमर कस ली है।

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सरकार के खिलाफ लंबा मार्च शुरू करने के लिए अपने रुख को दोहराया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि अब बातचीत के लिए समय नहीं बचा है।

बिलावल ने कहा, अब कठपुतली प्रधानमंत्री इमरान खान का इस्तीफा लेने के लिए इस्लामाबाद पर एक लंबा मार्च होगा।

उन्होंने कहा, इमरान खान जमीनी वास्तविकताओं से अनभिज्ञ हैं और लोगों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। केवल पीपीपी जानता है कि मुश्किल समय में पाकिस्तान के गरीब लोगों को राहत कैसे प्रदान की जाए।

बिलावल ने कहा कि 11 पार्टियों का गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) अब एक लंबे विरोध प्रदर्शन (लॉन्ग मार्च) शुरू करने के लिए अंतिम आह्वान करेगा, जिसमें गरीब, नौकरीपेशा, छात्र और उत्पादक हिस्सा लेंगे। बिलावल ने इसे एक विशालकाय सरकार विरोधी मार्च बताया है।

उन्होंने कहा, हम गरीब लोगों, बेरोजगारों, छात्रों, उत्पादकों और उन सभी लोगों को ले जाएंगे, जो इस चयनित सरकार से परेशान हैं।

उन्होंने कहा, इस कठपुतली प्रधानमंत्री के चले जाने के बाद संवाद आयोजित किया जाएगा। जब हम इस्लामाबाद पहुंचेंगे, तो यह कठपुतली खुद सत्ता छोड़ देगी।

पीडीएम इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। पिछले कई महीनों से पाकिस्तान में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। मंहगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। पिछले दिनों पाकिस्तान भर में विपक्ष ने लगातार काफी रैलियां की, जिसे अब और मजबूत तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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