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बांग्लादेश का चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन शुरू होने से लोगों में उत्साह

Janprahar Desk
18 Dec 2020 1:43 PM GMT
बांग्लादेश का चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन शुरू होने से लोगों में उत्साह
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बांग्लादेश का चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन शुरू होने से लोगों में उत्साह
बांग्लादेश का चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन शुरू होने से लोगों में उत्साह बांग्लादेश का चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन शुरू होने से लोगों में उत्साहढाका, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। यह भारत-बांग्लादेश सीमा पर कई लोगों के लिए खुशी का दिन था, क्योंकि चिल्हाटी से भारत के हल्दीबाड़ी तक रेल लाइन फिर से शुरू हो गया। साल 1965 में इस रेल लाइन को बंद किए जाने के बाद 55 साल के इंतजार के बाद लोगों का इस ट्रैक पर रेलगाड़ी देखने का सपना पूरा हुआ।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए रेल लिंक का उद्घाटन किया।

भारत के पश्चिम बंगाल में कूच बिहार के हल्दीबाड़ी से उत्तरी बांग्लादेश के चिल्हाटी तक रेल लाइन भारत और फिर पूर्वी पाकिस्तान के बीच साल 1965 में रेल संपर्क खत्म हो जाने के बाद से चालू नहीं हुआ था।

इस अवसर पर निलफामारी के चिल्हाटी रेलवे स्टेशन को अच्छे से सजाया गया था और ऐतिहासिक उत्सव मनाने के लिए हजारों लोग एकत्र हुए थे।

वहीं मोती मिया (75) ने समारोह का गवाह बनने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलकर अपने बचपन की सुनहरी यादों को ताजा किया।

रेल लिंक का उद्घाटन सुबह लगभग 11.30 बजे बड़े पर्दे पर किया गया।

भारत के लिए बांग्लादेश से रवाना होने वाली एक मालगाड़ी को देखते हुए खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने आईएएनएस को बताया, मैं बचपन में इस स्टेशन से भारत में अपने मामाघर के लिए यात्रा करता था। जब ट्रेन सेवाएं बंद हो गईं, तो मैं कूच बिहार नहीं जा सका। वहां मेरे चचेरे भाई और उनका परिवार रहता है।

भावुक मिया ने कहा, मैं अपने भतीजे और भतीजी को देखने की उम्मीद करता हूं .. और मेरे चचेरे भाई जो अभी भी जीवित हैं। यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा उपहार है जो मुझे अपनी प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मुझे मेरे मरने से पहले मिला।

उन्होंने दोनों राज्य नेताओं से यात्री ट्रेन सेवाओं को तुरंत शुरू करने की भी अपील की।

डोमार उपजिला की 65 वर्षीय मोयना बेगम इस अवसर का गवाह बनने के लिए 4 किलोमीटर पैदल चलकर आईं।

उन्होंने कहा, मैंने अपने माता-पिता के साथ इस मार्ग पर ट्रेन से असम में सिलचर की यात्रा की थी, तब मैं छोटी बच्ची थी .. लेकिन लंबे समय से हम वहां नहीं जा पाए हैं। मैं अपने बचपन की यादों को याद करने के लिए फिर से भारत आना चाहती हूं।

आधिकारिक उद्घाटन के बाद कुल 32 वैगनों में माल ले जाने वाली एक मालगाड़ी दिन में 12.48 बजे चिल्हाटी रेलवे स्टेशन से भारत के लिए रवाना हुई।

बांग्लादेश के रेल मंत्री एमडी नुरुल इस्लाम सुजान ने औपचारिक रूप से सीटी बजाकर और हरी झंडी दिखाकर ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया।

हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के बीच की दूरी 4.5 किलोमीटर है, जबकि चिल्हाटी से जीरो प्वॉइंट 7.5 किलोमीटर के आसपास है।

हल्दीबाड़ी और चिल्हाटी दोनों स्टेशन सिलीगुड़ी और कोलकाता के बीच पुराने ब्रॉड गेज रेलवे मार्ग पर थे।

करीब 55 सालों के लंबे अंतराल के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच परिवहन और कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से बांग्लादेश के चिल्हाटी को हल्दीबाड़ी (पश्चिम बंगाल) भारत से जोड़ने वाली रेलवे लिंक को फिर से शुरू कर दिया गया है।

--आईएएनएस

एमएनएस-एसकेपी

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