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US हेल्थ एजेंसी का दावा, भारत की 'कोवैक्सीन' अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स पर असरदार

Janprahar Desk
30 Jun 2021 10:52 AM GMT
US हेल्थ एजेंसी का दावा, भारत की कोवैक्सीन अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स पर असरदार
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US हेल्थ एजेंसी का दावा, भारत की 'कोवैक्सीन' अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स पर असरदार

महामारी के बीच कोरोना के सभी वैक्सीन्स पर रिसर्च जारी है। इस बीच यह बात निकालकर सामने आई है कि भारत बॉयोटेक में तैयार हुई 'कोवैक्सीन' कोरोना के दोनों ही वैरिएंट पर काफी असरदार है। यह रिसर्च अमेरिकी स्वास्थ्य शोध संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के तरफ से किया गया है।

NIH का कहना है कि उन्होंने SARS-CoV-2 के अल्फा (B.1.1.7) और डेल्टा (B.1.617) वेरिएंट्स पर शोध की थी। शोध में पाया गया कि कोवैक्सीन का असर दोनों की वैरिएंट पर असरदार है। बता दें कि भारत बायोटेक की ये वैक्सीन ICMR के सहयोग से बनी है।

शोध में यह भी कहा गया है कि कोवैक्सीन एसिम्टोमैटिक मामलों पर भी 70% असरदार है। कोवैक्सीन में SARS-CoV-2 के डेड वायरस से बनाया गया है, जो एक्सपैंड नहीं कर सकता लेकिन बॉडी में SARS-CoV-2 के खिकाफ एंटीबॉडी बनाने में इम्यून सिस्टम की मदद करता है।

ज्ञात हो कि अल्फा वैरिएंट सबसे पहले यूके में पाया गया था। वहीं, डेल्टा वैरिएंट पहले भारत मे पाया गया था। भारत में आयी दूसरी लहर का मुख्य कारण डेल्टा वैरिएंट ही था।

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मालूम ही कि इस समय भारत में कुल तीन कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। सबसे पहले ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड फिर कोवैक्सीन और अप्रैल में रूस की स्पूतनिक वी को मंजूरी दी गई। वहीं, मंगलवार को अमेरिका की मॉडर्ना को भी आपातकाल के लिए मंजूरी मिल गई है।

कुछ समय बाद अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला और फाइजर को भी मंजूरी मिल सकती है। इन वैक्सीन के मंजूरी मिलने के बाद भारत में कुल 6 प्रकार की वैक्सीन उपलब्ध होगी। वहीं, जायडस कैडिला की वैक्सीन भारत की दूसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी।

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