वैक्सीन की दोनों डोज लेने पर मौत का खतरा 95 प्रतिशत तक कम, ICMR की स्टडी में खुलासा

 
Vaccination

एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज मौत के खतरे को 95 प्रतिशत तक कम कर देती है। ICMR द्वारा किए गए का शोध में पाया गया कि वैक्सीन की पहली डोज मौत के खतरे को 82 प्रतिशत तो दूसरी डोज 95 प्रतिशत कम कर देती है। 

यह शोध एक फरवरी से 14 मई के बीच पुलिसकर्मियों पर किया गया था। इसमें से 17,059 पुलिसकर्मी ऐसे थे वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी थी। वहीं, 32,792 ऐसे थे जिन्हें पहली डोज लगी थी। जबकि 67,673 पुलिसकर्मी दोनों डोज ले चुके थे। यह शोध तमिलनाडु पुलिस के 1,17,524 जवानों पर की गई थी। 

शोध के मुताबिक 13 अप्रैल से लेकर 14 मई तक कुल 31 पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। इनमे से 7 ऐसे थे जिन्हें कोरोना वैक्सीन की एक ही डोज लगी थी। वहीं, 4 पुलिसकर्मियों ने दोनों डोज ली थी। ये से 20 लोग ऐसे थे जिन्होंने वैक्सीन लगवाई ही नहीं थी।

यह भी पढें: इस असंवैधानिक कानून के तहत अब तक लोगों पर दर्ज हो रही FIR, अब SC ने केंद्र को थमाया नोटिस

शोध करने वाले वैज्ञानिकों का यही कहना है कि वैक्सीन मौत के खतरें को काफी हद तक काम कर देती है। जिन पुलिसकर्मियों को दोनों डोज लगी थी उनमे मौत का खतरा 95 प्रतिशत ही था। वहीं, सिंगल डोज लेने वालों में यह 82 प्रतिशत पाया गया। 

शोध में यह निष्कर्ष निकला है कि दोनों डोज लेने वाले व्यक्तियों में मौत का जोखिम 0.05 प्रतिशत हो जाता है। जबकि वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद मौत का जोखिम 0.18 प्रतिशत ही रह जाता है। ऐसे में कोरोना वैक्सीन काफी हद तक मौत को रोकने में कारगर है। 

अन्य खबरें

देश और दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए हमारे फेसबुक पेजको लाइक करे, हमे Twitterपर फॉलो करे, हमारेयूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कीजिये|