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Supreme Court ने देसी नस्ल की गायों के संरक्षण को बताया जरूरी, केंद्र से मांगा जवाब

Nairitya Srivastva
27 Aug 2021 10:26 AM GMT
Supreme Court ने देसी नस्ल की गायों के संरक्षण को बताया जरूरी, केंद्र से मांगा जवाब
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जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया था. SC ने देसी नस्ल की गायों के संरक्षण को लेकर केंद्र से जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देसी नस्ल की गायों को बचाए रखने के लिए उऩका संरक्षण जरूरी है. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र को 6 हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है. बता दें कि जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया था जिसमें देसी नस्ल की गाय के वध पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. मथला चंद्रपति राव नाम के एक किसान ने सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका दायर की थी.

चंद्रपति राव ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. एनजीटी ने 14 अगस्त 2018 को कोई गाइडलाइन जारी किए बिना ही इस अर्जी का निपटारा कर दिया था. राव ने अवैध गोहत्या को रोकने के लिए कदम उठाने के बारे में सवाल पूछा था.

चंद्रपति राव ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि वो गाय प्रजनन सुनिश्चित करें और ये सिर्फ स्वदेशी स्वस्थ मवेशियों के साथ किया जाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने देसी मवेशियों के दूध की पैदावार और डेयरी और कृषि कार्यों में रिसर्च की मांग की थी. याचिकाकर्ता के अनुसार NGT ने देश में चल रहे लाखों गैरकानूनी बूचड़खानों को बंद करने का आदेश नहीं दिया है. इसके साथ ही उन्होंने याचिका में विदेशी बैल और सांड के आयात पर बैन लगाने की भी मांग की है. याचिकाकर्ता ने साल 2002 की उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया है जिसमें मवेशियों के लिए बने राष्ट्रीय आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष जस्टिस गुमान लाल लोढ़ा ने दुधारू गायों और बछड़ों की हत्या पर गंभीर चिंता जताई थी.

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