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अनियमित मानसून की वजह से इस बार भी प्याज के दामों में होगा इजाफा, इस महीने से बढ़ सकते है दाम

Ankit Singh
16 Sep 2021 9:46 AM GMT
अनियमित मानसून की वजह से इस बार भी प्याज के दामों में होगा इजाफा, इस महीने से बढ़ सकते है दाम
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हर साल सितंबर से नवंबर के बीच प्याज के दाम बढ़ जाते हैं। इस साल भी अनियमित मानसून के कारण सितंबर से नवंबर तक प्याज के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है।

तकरीबन हर घर में इस्तेमाल होने वाला प्याज एक बार फिर से रुलाने के लिए तैयार है। हर साल मानसून के बाद प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी होती है। ठीक वैसे ही इस साल भी प्याज के भाव बढ़ने वाले और इसकी वजह अनियमित मानसून को बताई जा रही है। क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्याज के दाम बढ़ने तय है।

क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल अनियमित बारिश के चलते खरीफ फसलों की कटाई में देरी होगी। कटाई में देरी होने के कारण प्याज की मांग बढ़ेगी और मसलन प्याज के दामों में इजाफा हुआ संभव है।

इस साल शुरुआत में मानसून ने अच्छे संकेत दिए थे लेकिन जुलाई के महीने में मानसून पर विराम लग गया और बारिश में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद अगस्त में जब फसल के प्रत्यारोपन का महीना होता है तब यह आंकाड़ा और गिर गया और मानसून में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

प्याज की फसल आमतौर पर जून-जुलाई में बोई जाती है और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती है। खरीफ प्याज मानसून के माध्यम से बढ़ता है, जिसके परिणामस्वरूप नमी की मात्रा अधिक होती है और शेल्फ-लाइफ कम होती है। नवंबर के वजट त्योहारी मौसम होता है, जिस कारण भी प्याज की खपत बढ़ती है।

इस साल महाराष्ट्र और गुजरात में आए चक्रवात तौके के कारण भी रबी की फसल खराब हुई है। चक्रवात तौके ने महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों को प्रभावित किया है। ऐसे में आपूर्ति कम होगी और दाम में इजाफा होगा।

हर साल की तरह इस साल भी सितंबर से नवंबर के बीच प्याज के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है। अब देखना होगा कि प्याज के दाम कितने बढ़ते है।

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