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जानिए क्‍या है सरकार की नई Scrappage Policy? इससे आम आदमी पर क्या असर होगा

Janprahar Desk
13 Aug 2021 5:51 PM GMT
जानिए क्‍या है सरकार की नई Scrappage Policy? इससे आम आदमी पर क्या असर होगा
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जानिए क्‍या है सरकार की नई Scrappage Policy? इससे आम आदमी पर क्या असर होगा

केंद्र की मोदी सरकार ने शक्रवार को नेशनल ऑटोमॉबिल स्क्रैपिंग पॉलिसी (Scrappage Policy) को लॉन्च कर दिया है। गुजरात में इन्वेस्टर समिट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लेते हुए स्क्रैपिंग पॉलिसी (Scrappage Policy) को लॉन्च कर कहा, देश में अनफिट वाहनों का हटाने में यह पॉलिसी बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। तो आइए जानते है कि क्या है स्क्रैपज पॉलिसी?

स्क्रैप पॉलिसी (Scrappage Policy) के तहत 15 और 20 साल पुराने हो चुके वाहनों को कबाड़ (स्क्रैप) घोषित कर दिया जाएगा। निजी वाहनों को 20 साल बाद कबाड़ घोषित किया जाएगा। वहीं, कमर्शियल वाहनों के लिए यह सीमा अवधि 15 साल है। इसके लिए अधिकृत वाहन सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। इस नीति के तहत गाड़ी सिर्फ उसकी उम्र देख कर ही स्क्रैप नहीं की जाएगी, बल्कि गाड़ियों का वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप किया जाएगा।

स्क्रैपज पॉलिसी (Scrappage Policy) के नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू कर दिए जाएंगे। वहीं, PSU और सरकारी वाहनों के लिए यह नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे। कमर्शियल वाहन के लिए यह नियम अप्रैल 2023 से लागू होंगे। सामान्य वाहन के लिए यह नियम 1 जून 2024 से लागू कर दिए जाएंगे।

सरकार ने स्क्रैपज पॉलिसी (Scrappage Policy) के तहत नई वाहन की खरीद पर कई तरह की छूट का भी ऐलान किया है। इस नियम के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर वाहन के मालिक को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट के आधार पर जब वो नया वाहन खरीदेगा तो उसे 5 फीसदी का डिस्काउंट दिया जाएगा।

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इसके अलावा इस सर्टिफिकेट के जरिए रोड टैक्स में भी छूट दी जाएगी। साथ ही इस सर्टिफिकेट को दिखाने पर नए वाहन के खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।

स्क्रैपज पॉलिसी (Scrappage Policy) से रोड एक्सीडेंट से थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि पुरानी गाड़ियों में पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है। साथ ही इस पॉलिसी से प्रदूषण में भी कमी आएगी। पुरानी गाड़ियों में फ्यूल इफिशियेंसी ज्यादा होता है, तो इससे भी लोगों को राहत मिलेगी।

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