इंजीनियरिंग से डॉक्टर तक का सफर, उम्र 40 में MBBS की पढाई पूरी कर बनी डॉक्टर, जानिए उसकी अनोखी कहानी

जहान्वी अजित राव (Janhavi Ajit Rao), बंगलुरु में महादेवपुर की रहिवाशी, इन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के 18 साल बाद डॉक्टर की पढाई पूरी की है। वह अब डॉक्टर जहान्वी कहलाती है। 
 
इंजीनियरिंग से डॉक्टर तक का सफर, उम्र 40 में MBBS की पढाई पूरी कर बनी डॉक्टर, जानिए उसकी अनोखी कहानी

कहते हैं महिलाओं की ज़िन्दगी इतनी आसान नहीं होती है। जिंदगी की हर मोड़ पर परिवार वालों के लिए त्याग, बच्चों के लिए अपनी पूरी ज़िन्दगी समर्पित करना यही महिलाओं की नसीब में लिखा होता है। लेकिन आज के ज़माने में महिलाओं ने अपनी निजी और प्रोफेशनल लाइफ को बैलेंस करना सिख लिया है। आज हम ऐसी शख्श के बारे में बात करने वाले है, जिन्होंने इंजीनियरिंग के बाद डॉक्टर तक बनने का सफर साथ में परिवार को हंसी-ख़ुशी रखते हुए तय किया।

जहान्वी अजित राव (Janhavi Ajit Rao), बंगलुरु में महादेवपुर की रहिवाशी, इन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के 18 साल बाद डॉक्टर की पढाई पूरी की है। वह अब डॉक्टर जहान्वी कहलाती है। 

बैंगलोर मिरर की खबर के मुताबिक, 2003 में जान्हवी राव को autoimmune बीमारी का पता चला। उस समय, वह आईटी प्रोफेशन में काम कर रही थी और एक बच्चे की मां थी। बीमारी का इलाज़ कराते समय जहान्वी को लगा कि उन्हें अपने साथियों को दर्द कम करने में उनकी मदद करनी चाहिए। तब उन्होंने ठान लिया कि उन्हें डॉक्टर बनना है। तब तक 2013 साल आ चूका था। 

जहान्वी के लिए परिवार और एक बच्चा होते हुए यह सफर तय करना इतना आसान नहीं था। साल 2013 में जहान्वी ने MBBS की फर्स्ट ईयर में एडमिशन ली। एडमिशन के वक़्त वह 40 वर्ष की हो चुकी थी। कॉलेज में बच्चों के बीच बैठकर वो अपनी पढाई किया करती थी। कॉलेज में लिफ्ट का इस्तेमाल स्टूडेंट नहीं कर सकते थे लेकिन डॉ महेन्द्रनाथ की मदद से वह लिफ्ट को इस्तेमाल  कर सकती थी।

जहान्वी ने इंजीनियरिंग की पढाई US से की थी, और डॉक्टर की पढाई भारत से की है। लंबे समय के बाद परीक्षा देते वक़्त उन्हें काफी दिक्कत हुई। क्योंकि यहां पर प्रश्न का उत्तर ज्यादा शब्दों में लिखना पड़ता है। आखिरकार आठ साल बाद, जहान्वी राव ने  एमडी डिग्री हासिल की और एमबीबीएस डॉक्टर बन चुकी हैं।

इटर्नशिप के दौरान जहान्वी को 32-36 घंटे काम करना पड़ता था। उनकी परिवार वालों ने जहान्वी को बहुत सपोर्ट किया। जहान्वी ने कहा घर के सभी सदस्यों के सोने के बाद रात को वह अपनी पढाई किया करती थी, क्योंकि उसी समय उन्हें ठीक से कंसन्ट्रेट करने को मिलता था। 

जहान्वी राव ने फरवरी 2020 में फर्स्ट क्लास से MBBS पूरी की। जहान्वी ने यह कर दिखाया हैं कि पढाई करने की कोई उम्र नहीं होती है, सिर्फ आप में कुछ कर दिखाने की जज्बा होना चाहिए।  

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